Wednesday, May 13, 2026
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राजस्व अदालतों के लम्बित मामलों को लेकर सीएस के निर्देश : एसडीएम सप्ताह में 3 दिन स्थानीय कोर्ट में बैठें

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जयपुर Abhayindia.com राजस्व न्यायालयों के सुदृढ़ीकरण एवं लंबित वादों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति, उनके शीघ्र निस्तारण तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों और उनके शीघ्र निस्तारण के लिए मुख्य सचिव ने जिलों में उनके द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों और प्रगति कार्यों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने प्रदेश के आमजन को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर्स के साथ सभी स्थानीय पीठासीन अधिकारियों को अधिक से अधिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने उपखंड अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 3 दिन स्थानीय कोर्ट में बैठने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। इससे लंबित विवादों का शीघ्र समाधान कर आमजन को राहत प्रदान की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कैम्प कोर्ट्स के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामित्व, सीमा निर्धारण, बंटवारा एवं नामांतरण जैसे आमजन से जुड़े मामलों की संख्या अधिक होती है, अतः इस प्रकार के प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाना चाहिए।

प्रमुख शासन सचिव, राजस्व एवं उपनिवेशन टी. रविकांत ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कई स्थान पर एक ही परिसर में संचालित तहसील कार्यालय और एसडीओ कार्यालय में सूचना के अभाव में कई मामले लंबित रह जाते हैं उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को भी प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जाए ताकि अनावश्यक पत्राचार नहीं हो। साथ ही, उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के भी निर्देश दिए। बैठक में राजस्व मण्डल के सभी सदस्य एवं सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर्स, राजस्व विभाग के पीठासीन अधिकारी, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार ने वीसी के माध्यम से हिस्सा लिया।

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