Friday, April 24, 2026
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श्रीराम महायज्ञ में 15 लाख ग्रन्थों के संरक्षण का संकल्प, 60 केंद्रों के साथ संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत होंगे अनुबंध

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बीकानेर Abhayindia.com श्रीमद् जगद्गुरु श्री अग्रमलूक द्वाराद्वय पीठाधीश्वर स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज के पावन सान्निध्य में अनन्त श्री विभूषित श्रीमद् जगद्गुरु रामानन्दाचार्य महाप्रभु के 825वें प्राकट्य पूर्णोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीयुत जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामकृष्णाचार्य की अध्यक्षता में महंत ‘श्रीवैष्णव’ हरिशंकरदास महाराज ‘वेदान्ती’ के द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं मंदिर श्रीरघुनाथजी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में 27 फरवरी 2026 को जयपुर में अखिल भारतीय मठ-पीठाधीश्वर समागम एवं शास्त्र संरक्षण समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत नव दिवसीय 108 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसकी पावन सान्निध्यता में यह समागम सम्पन्न होगा। कार्यक्रम अपराह्न 12:15 बजे भवानी शिक्षा निकेतन, गेट नं. 6-7, सीकर रोड, जयपुर में आयोजित होगा।

आयोजकों के अनुसार] यह समागम राष्ट्रीय स्तर का होगा, जिसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक के जगद्गुरु, द्वाराचार्य, पीठाधीश्वर, महंत एवं महामंडलेश्वर सम्मिलित होंगे। विभिन्न मठों, मंदिरों और तीर्थस्थलों में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, संवर्धन और शोध कार्य को गति देने के उद्देश्य से यह विशेष आयोजन रखा गया है। समारोह में देशभर के 215 पांडुलिपि धारकों एवं 4 संस्थाओं के 60 केंद्रों के साथ संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत अनुबंध भी किए जाएंगे। यह पहल भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा और शास्त्रीय विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विश्वगुरूदीप आश्रम शोध संस्थान के उपाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी महाराज ने बताया कि इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गजेन्द्र सिंह शेखावत (कला एवं संस्कृति मंत्री भारत सरकार), विशिष्ट अतिथि दिया कुमारी (उपमुख्यमंत्री), ज्ञान भारतम् मिशन के निदेशक इन्द्रजीत सिंह, परियोजना निदेशक प्रो. अनिर्वाण दाश तथा विभिन्न गणमान्य अतिथि समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।

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