Sunday, June 21, 2026
Homeबीकानेरतुम एक नारी हो...

तुम एक नारी हो…

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

तुम मर्यादाओं में जकड़ी हो

निस्‍वार्थ भाव से कर्मरत हो

भरपूर ममता से भरी

कुसुम-सितारों से सजी

सहनशीलता की मूरत

निच्‍छल मन ज्‍यूं हो दर्पण

कभी रौद्र-कभी करूण

रूप तुम धरती

क्‍या कुछ नहीं करती

अतुल्‍य प्रेम की अधिकारी हो

तुम एक नारी हो।

-चित्रा पारीक, कवयित्री, बीकानेर

AdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!