






बीकानेर Abhayindia.com कृषक कल्याण शुल्क हटाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान खाद्य पदार्थ वयापार संघ के आह्वान पर बीकानेर मंडी 2 जुलाई बुधवार से 5 जुलाई शनिवार यानी चार दिन सभी तरह की बोली व्यवस्था पूर्ण रूप से बन्द रहेगी।
श्री बीकानेर कच्ची आढ़त व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष व संरक्षक मोतीलाल सेठिया ने किसानों से निवेदन किया है कि अपनी कृषि उपज विक्रय के लिए मंडी में बोली व्यवस्था खुलने पर लावें। संघ के उपाध्यक्ष नन्दकिशोर राठी ने बताया कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी देश भर की अनाज मंडियों में अंग्रेजों के लगान की तरह वर्तमान सरकारें कृषि उपजों परजी.एस. टी., मंडी शुल्क, कृषक कल्याण फीस इत्यादि नाम से करों के रूप में किसानों से लगान वसूल कर रही है। ज्ञात रहे कोई भी उद्यमी अथवा खरीददार इन करों का पैसा अपनी जेब से नहीं देता है वो कृषि उपज खरीद करने पर अन्य खर्चों के साथ इन करों की राशि घटाकर ही किसानों को उनकी उपज का मूल्य देता है। इन करों का वास्तविक खामियाजा किसानों को एम.एस.पी. से भी कम मूल्य में भी और कम मूल्य लेकर उठाना पड़ता है।
सेठिया एवं राठी ने बताया किएक तरफ केंद्र व राज्य दोनों ही सरकारें किसानों की आय बढऩे की ओर अग्रसर है दूसरी तरफ इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। उदाहरण के लिये मूंगफली 5 हजार बाजार भाव पर जी.एस.टी.; एम.टी; के.के.एफ. का. कुल मिला कर 325 रुपये प्रति क्विंटल किसान को मूल्य कम मिलता है। सीजन में केवल बीकानेर मंडी से एक कृषि जिन्स से एक दिन में कुल एक करोड़ तेरह लाख पचहतर हजार लगान किसानों से वसूली जाती है।


