Saturday, May 16, 2026
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एमजीएसयू में शिक्षक सम्‍मान : कुलगुरु आचार्य दीक्षित ने कहा- भारत हमेशा से गुरु-शिष्य परम्परा का रहा है उपासक

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बीकानेर Abhayindia.com महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) में सर्वपल्ली डाॅ. राधाकृष्णन के जन्म दिवस (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह-2025 आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने की।

मीडिया प्रभारी डाॅ. बिट्ठल दास बिस्सा ने बताया कि कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित की प्रेरणा से गत दो सत्रों से हम विश्वविद्यालय में प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को ‘‘शिक्षक सम्मान समारोह’’ के रूप में मनाते आ रहे है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय क्षेत्राधिकार के सम्बद्ध राजकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय शिक्षकों को सम्मानित करने की परम्परा का शुभारम्भ विश्वविद्यालय ने किया है।

समारोह के प्रारम्भ में कुलसचिव अरविन्द बिश्नोई द्वारा स्वागत भाषण दिया जिसमें बिश्नोई द्वारा सम्मानित होने वाले शिक्षकों का अभिनन्दन करते हुए शिक्षक दिवस की महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक नजरिया अपनाने और उनमें अपने सपनों को कड़ी मेहनत से हासिल करने का जुनून विकसित करे। एक शिक्षक की सही पहचान उसके विद्यार्थी की सफलता से ही होती है।

समारोह के अध्यक्ष आचार्य मनोज दीक्षित ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमारा देश हमेशा से गुरु-शिष्य परम्परा का उपासक रहा है। गुरु को जीवन का मार्गदर्शक माना गया है माँ जन्म देती है ओर गुरु जीवन देता है। आज हम विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य लेकर चल रहे है तब ये गुरु-शिष्य परम्परा भी हमारी बहुत बड़ी ताकत है। शिक्षक एक मजबूत देश, एक सशक्त समाज की बुनियाद होते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय शिक्षकों से कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संबंध में आने वाली चुनौतियां का ध्यान में रखते हुए हमें आगे बढ़ना होगा। आचार्य दीक्षित ने कहा कि सर्वपल्ली डाॅ. राधाकृष्णन के बीकानेर आगमन पर गीता अध्ययन पर प्रकाश डाला।

समारोह में सत्र 2024-25 में सेवानिवृत प्रो. नन्दिता सिंघवी, प्रो. इन्द्रसिंह राजपुरोहित, प्रो. रचना माथुर, प्रो. अजन्ता गहलोत, प्रो. राजनारायण व्यास, प्रो. कल्याण सिंह, प्रो. रजनी शर्मा का सम्मान किया। साथ ही विश्वविद्यालय में पदस्थापित शिक्षक प्रो. राजाराम चोयल, डाॅ. मेघना शर्मा, डाॅ. अनिल कुमार दुलार, डाॅ. प्रभुदान चारण, डाॅ. लील कौर, डाॅ. गौतम कुमार मेघवंशी, डाॅ. धर्मेश हरवानी, डाॅ. अभिषेक वशिष्ठ,डाॅ. सीमा शर्मा, डाॅ. प्रगति सोबती, डाॅ. संतोष कंवर शेखावत, डाॅ. ज्योति लखाणी, फौजा सिंह, अमरेश कुमार सिंह, मानकेशव सैनी, डाॅ. यशवंत गहलोत, उमेश शर्मा एवं प्रो. रवीन्द्र मंगल को सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन एवं धन्यवाद भाषण अतिरिक्त कुलसचिव डाॅ. बिट्ठल दास बिस्सा द्वारा दिया गया।

समारोह में संकायाध्यक्ष विधि प्रो. कुमुद जैन, संकायाध्यक्ष प्रबन्धन डाॅ. पंकज जैन, उप कुलसचिव डाॅ. प्रकाश सारण, निजी सचिव, कुलगुरु, राघव पुरोहित, सम्पदा अधिकारी कुलदीप जैन, सहायक कुलसचिव निर्मल भार्गव, मुकेश पुरोहित, रजत भटनागर, कर्मचारी कल्याण समिति अध्यक्ष डाॅ. आनन्दी लाल गढवाल सहित प्राचार्य मुदिता पोपली, डाॅ. प्रशांत बिस्सा सहित अतिथि शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।

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