टी-20 विश्‍व क्रिकेट कप : अफगानिस्‍तान जीता तो भारत खेलेगा सेमीफाइनल…

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खेल डेस्‍क। टी-20 विश्‍व क्रिकेट कप के मुकाबले अंतिम चरण में हैं। अब तक सभी टीमें चार-चार मैच खेल चुकी हैं। इनमें से केवल पाकिस्तान टीम का ही सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हुआ है। भारत की टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी या नहीं, इसका फैसला रविवार को न्‍यूजीलैंड और अफगानिस्‍तान के बीच होने वाले मैच के बाद ही हो सकेगा।

आपको बता दें कि भारत ने शुक्रवार को स्कॉटलैंड के खिलाफ धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए अपना नेट रन रेट सुधार लिया। भारत का रन रेट 0.073 से बढ़कर 1.62 का हो गया, जो पाकिस्तान से भी बेहतर है। अब रविवार को यदि अफगानिस्तान ने न्यूजीलैंड को हरा दिया तो भारत के पास सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका रहेगा। वहीं, ग्रुप-2 में यदि न्यूजीलैंड-अफगानिस्तान मुकाबले में न्यूजीलैंड जीतता है तो वो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। न्यूजीलैंड के जीतते ही 8 नवंबर को होने वाला भारत-नाबीमिया मैच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।

पट्टे को लेकर बड़ी खबर, जोनल डवलपमेंट प्‍लान अंतिम चरण में, नवम्‍बर के दूसरे सप्‍ताह में…

जयपुर। प्रदेश में प्रशासन शहरों के संग अभियान में इस बार जनभागीदारी बढ़ नहीं पाई है। खासतौर से लोगों की पट्टा लेने की हसरत पूरी नहीं हो रही। बिना जोनल डवलपमेंट प्लान के पट्टा जारी करने पर हाई कोर्ट की रोक के कारण प्रदेश के ज्यादातर निकायों में पट्टा देने का काम न के बराबर चल रहा है। अब यह उम्‍मीद जताई जा रही है कि इस माह के दूसरे पखवाड़े में जोनल डवलपमेंट प्‍लान बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। संभवत: 15 नवम्‍बर तक सभी शहरों में इन्‍हें नोटिफाई कर दिया जाएगा। इसके बाद पट्टे देने को लेकर हाई कोर्ट के आदेश की बाध्यता खत्म हो जाएगी।

ऐसे बनता है जोनल डवलपमेंट प्लान

जोनल डवलपमेंट प्‍लान बनाने के लिए शहर को 5 से 6 जोन में बांटा जाता है। इसके साथ ही प्रत्‍येक जोन की डवपलमेंट योजना बनाई जाती है। इसमें आवास के अलावा सार्वजनिक भवन, सड़क, जन सुविधा केन्‍द्र, पार्क, व्‍यवसाय, मनोरंजन केन्‍द्र तथा स्‍कूल आदि के लिए जगह चिन्हित करते हैं। इसके अलावा बिजली, पानी, अंदरुनी सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी प्लानिंग भी इसी का हिस्सा है।

आपको बता दें कि जोनल प्‍लान बनने के बाद प्रशासन शहरों के संग अभियान में जनभागीदारी बढ सकती है। यह अभियान दो अक्‍टूबर को शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक इसे लेकर केवल खानापूर्ति ही हुई है।