Saturday, April 25, 2026
Hometrendingबीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और सीरी पिलानी के बीच हुआ एमओयू, अनुसंधान और...

बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और सीरी पिलानी के बीच हुआ एमओयू, अनुसंधान और कौशल विकास का मार्ग होगा प्रशस्त

AdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) और सेन्ट्रल इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीरी) पिलानी के बीच अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू सम्पन्न हुआ है, जिस पर दोनों पक्षो ने हस्ताक्षर किए।

बीटीयू के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस एमओयू की आधिकारिक सहमति 7 जुलाई 2025 को बीटीयू के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय बीटीयू प्रतिनिधिमंडल के सीरी पिलानी दौरे के दौरान बनी थी। इस प्रतिनिधिमंडल में इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के प्राचार्य ओ. पी. जाखड़, डॉ. गणेश प्रजापत, डॉ. ऋतुराज सोनी, रानू लाल चौहान और डॉ. राजकुमार चौधरी शामिल थे।

इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच अनुसंधान कार्यक्रम, संयुक्त परियोजनाएं, छात्रों की इंटर्नशिप, तकनीकी सहयोग एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि फैकल्टी के लिए भी शोध व नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे। इस एमओयू के माध्यम से विद्यार्थी -संकाय सदस्य लाभान्वित होंगे, फलस्वरूप शोध-अनुसंधान के नवीन अवसर होंगे सृजित होंगे। जिससे वे व्यावहारिक शिक्षा, तकनीकी दक्षता तथा नवाचार क्षमताओं को और अधिक विकसित कर सकेंगे। बीटीयू और सीरी मिलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान निधि परियोजनाओं में भी भागीदारी करेंगे।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि यह समझौता न केवल बीटीयू के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि विश्वविद्यालय के शोध एवं अकादमिक वातावरण को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है, जिससे राज्य को तकनीकी विकास में मदद मिलेगी और देश में तकनीकी वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। यह एमओयू हमारी प्रतिब़द्धता और आपसी सहयोग को मजबूती प्रदान करेगा और छात्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। आपसी ज्ञान और शोध को साझा करके हम विकास को बढ़ावा देंगे।

सीरी निदेशक प्रो. पीसी पंचारिया ने कहा कि इस सहयोग को देश की तकनीकी प्रगति और सामाजिक उपयोगिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष उद्यमिता, नवाचार और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए संयुक्त अनुसंधान पहलों में शामिल होंगे। दोनों पक्षों का मानना है कि दोनों के बीच घनिष्ठ सहयोग छात्र-शिक्षक समुदाय के लिए अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए बड़ा लाभकारी सिद्ध होगा।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!