





बीकानेर Abhayindia.com खेजड़ली उत्सव के अंतर्गत रविवार को सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के पास एक साथ 11 हजार खेजड़ी पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं प्रकृति के प्रति जनजागरूकता के उद्देश्य से बीकानेर वैचारिक जागरण मंच की ओर से आयोजित इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने भागीदारी निभाई।
बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में समाज के प्रत्येक वर्ग की अभूतपूर्व भागीदारी रही। हजारों नागरिकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं, अधिवक्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खेजड़ी पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में न्यायपालिका की गरिमामयी सहभागिता विशेष आकर्षण रही। सेवानिवृत्त राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधिपति मानक मोहता, जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्विनी विज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानरे सचिव मांडवी राजवी, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, खाजूवाला रमेश ढालिया तथा ए.सी.डी. अमित कड़वासरा सहित अनेक न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं खेजड़ी के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल, पद्मश्री हिम्मताराम भांभू की प्रेरणादायी उपस्थिति रही। संत समाज से स्वामी विमर्शानंद महाराज, राष्ट्रीय संत सरजूदास महाराज, स्वामी रामेश्वरानंद महाराज, स्वामी भागीरथ दास शास्त्री सहित अनेक संत.महात्माओं के सान्निध्य ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। शैक्षणिक एवं कृषि संस्थानों की ओर से राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरू सुमंत व्यास, विश्वविद्यालय के डीन अधिकारी एवं कर्मचारियों तथा स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के अधिकारियों, विट्ठल बिस्सा एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा ने भी इस पर्यावरणीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में विशेष सहभागिता बीकानेर जिला माईन्स एसोसिएशन, बीकाजी फूड इंटरनेशनल, विनोद कुमार बोथरा, दिलीप कुमार बोथरा, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बीकानेर, लोटस डेयरी, श्रीराम पापड के नारायण, एवं आई.सी.एस.आई. बीकानेर चैप्टर नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट, ऑवर फॉर नेशन, बार एसोसिएशन बीकानेर द्वारा निभाई गई।
खेजड़ी संरक्षण आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ पर्यावरण प्रेमियों एवं विश्नोई समाज के प्रतिनिधियों में परसाराम बिश्नोई, सुभाष बिश्नोई, निरमा बिश्नोई, शारदा बिश्नोई, बनवारीलाल डेलू, ओमप्रकाश, देवीलाल रामधन, सुरवीर मोदी तथा अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के सचिव रूपाराम की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि वर्ग से कन्हैयालाल बोथरा, टेकचंद बरडिया, नगर निगम के एईएन सुरेन्द्र कुमार चौधरी, लक्खू गहलोत, गौचर भूमि से जुडे कनक चौपड़ा, बंशीलाल तंवर, डीसीगहलोत, शिवकरण डेलू, मोखराम धारणिया जीव रक्षा संस्था के प्रतिनिधिगण, पूर्व पार्षद गुड्डी देवी, रामरतन डेलू, भारतीय जनता पार्टी शहर जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़, सुधा आचार्य, विजय आचार्य, हेम शर्मा, सुमित, गजेन्द्र सिंह सांखला, मनोज सेवग, मिलन गहलोत, विजय आचार्य, बार सचिव हेमन्त सिंह चौहान, एडवोकेट सुखदेव व्यास, एडवोकेट भंवर बिश्नोई, एडवोकेट अरविन्द डोगीवाल, प्रेम बिष्नोई एडवोकेट पवन कुमार व्यास, एडवोकेट प्रशांत तंवर एवं मनीष सांखला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उत्सव का विशेष आकर्षण 363 महिलाओं की सहभागिता रही, जिन्होंने पारंपरिक नगाड़ों एवं लोक वाद्ययंत्रों की मंगलध्वनि के बीच खेजड़ी पौधों का रोपण कर राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपरा एवं प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अनूठे दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित व राष्ट्रीय संत सरजूदास ने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, संत समाज, शिक्षाविदों, सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रत्यक्ष.अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले प्रत्येक नागरिक के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवनरेखा, संस्कृति एवं पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है। इसका संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से सम्पन्न यह ऐतिहासिक खेजड़ली उत्सव भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं हरित राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में प्रेरणा देता रहेगा।








