Friday, April 24, 2026
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स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामनारायण शर्मा की पत्‍नी कमला देवी के निधन पर प्रबुद्धजनों ने जताया शोक

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बीकानेर Abhayindia.com स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बीकानेर में सबसे पहले तिरंगा लहराने वाले स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामनारायण शर्मा की पत्‍नी कमला देवी का मंगलवार सुबह जस्सूसर गेट के बाहर वैध मघाराम कॉलोनी स्थित आवास पर निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ्य थी। धर्म परायण एवं सेवाभावी कमला देवी के निधन से बीकानेर में माहौल शोकमग्र हो गया। 95 वर्षीय कमला देवी अपने पीछ छह पुत्रों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गई है।

परिजनों ने बताया सुबह स्वास्थ्य बिगडऩे पर उन्हे पीबीएम होस्पीटल की सघन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होने सुबह करीब दस बजे अंतिम सांस ली। उनकी पार्थिवदेह का अंतिम संस्कार जस्सूसर गेट के बाहर स्थित सारस्वत समाज के श्मसान घाट पर दुखद माहौल में किया गया। अपरान्ह बाद उनके निज आवास निकाली गई अंतिम यात्रा में उमड़े जन सैलाब ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अपने पति स्व. रामनारायण शर्मा के साथ स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनों से जुड़ी रही कमला देवी दीर्घायु में भी राष्ट्र उत्थान और समाजसेवा के प्रति समर्पित थी। उनके निधन पर राजनेताओं, प्रशासनिक और पुलिस अफसरों, साहित्यकारों, समाजसेवियों और पत्रकारों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने धर्मपरायण कमला देवी के निधन पर संवेदना जताते हुए कहा कि वे मुझे अपने परिवार का सदस्य मानती थी, उनका मेरे पर हमेशा आशीर्वाद रहा। धर्म परायण कमला देवी के निधन पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, पूर्व डीजीपी उमेश, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, नगर विधायक जेठानंद व्यास, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत समेत अनेक नेताओं और प्रबुद्धजनों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

बीकानेर की धरा पर स्वतंत्रता संग्राम में अग्रदूत रहे स्व. रामनारायण शर्मा की पत्नि कमलादेवी के निधन को लेकर प्रशासन की संवेदनहीनता भी सामने आई है। दरअसल, स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े बीकानेर के परिवार से जुड़ी कमलादेवी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से किया जाना था,लेकिन उनके अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन इस कदर संवेदनहीन बना रहा कि प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी पार्थिक देह को श्रद्धाजंलि अर्पित करने और संवेदना जताने भी नहीं पहुंचा। इसे लेकर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी जगत में आक्रोश की लहर व्याप्त है।

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