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बिजली के बढ़ाए गए शुल्क वापस हो

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बीकानेर abhayindia.com राज्य सरकार द्वारा 1 फरवरी 2020 से  बिजली के बिलों में की गई वृद्धि को वापस लेने के लिए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत बीकानेर के द्वारा आंदोलन के प्रथम चरण के तहत आज जिला कलेक्टर बीकानेर के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं ऊर्जा मंत्री राजस्थान सरकार को सात सूत्रीय ज्ञापन भिजवाया गया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए संगठन के महानगर अध्यक्ष एडवोकेट मदन सुरोलिया ने बताया कि ज्ञापन में ग्राहक पंचायत द्वारा ग्राहकों को स्थाई शुल्क में होने वाले नुकसान के कारण प्रतिमाह रीडिंग लेकर बिल का वितरण किया जाए।  स्थाई शुल्क मैं 10 से 20% एवं विद्युत खर्च में की गई 95 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि एवं पांच पैसे सर चार्ज की वृद्धि को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। इस अचानक की गई बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर बहुत अधिक भार पड़ रहा है।

एडवोकेट मदन सुरोलिया ने बताया कि आज एक तरफ कोविड-19 की महामारी के कारण फरवरी माह से ही मजदूरों को रोजगार नहीं है, कामगार अपने काम से मेहरूम है और व्यापारियों का व्यापार बिल्कुल बंद पड़ा है। दूसरी तरफ सरकार ने वसूली अभियान चलाया हुआ है।

जब लॉकडाउन हुआ और उसके बाद में स्थानीय स्तर पर जो समय-समय पर कर्फ्यू और लॉकडाउन किया गया उससे व्यापार उद्योग धंधों हाथ के कारीगरी के कार्य आदि पर बहुत प्रभाव पड़ा है और अर्थव्यवस्था जबरदस्त मंदी होने के कारण बहुत सारे लोगों की आय के साधन खत्म प्रायः हो गए हैं । इस दौर में यह स्थाई शुल्क विद्युत शुल्क और सर चार्ज की बढ़ोतरी कोढ़ में खुजली के समान हैं ।

एडवोकेट सुरोलिया ने बताया की विद्युत नियामक आयोग की सिफारिश एवं राज्य सरकार की इस तरह से बिजली कंपनियां अपने घाटे पूरे करने के लिए इस तरह के व्यवहार को राज्य की भोली-भाली जनता पर थोप रही है। जिससे जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है।

उन्होंने बताया कि अभी बिजली कंपनियों ने बंद पड़े मकानों में भी पिछले वर्ष के आधार पर एवरेज के बिल भेज दिए हैं एक तरफ अर्थव्यवस्था की मंदी और दूसरी तरफ बिजली कंपनियों की अवैध वसूली चिंता का विषय है।

अतः राज्य सरकार को अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य के लोक कल्याणकारी शासन की स्थापना करने हेतु जनता को राहत प्रदान करते हुए तथा बंद पड़े मकानों के एवरेज बिल के भुगतान का आदेश वापस लिया जाए और जिन ईमानदार उपभोक्ताओं ने बिल जमा करवा दिए हैं उनकी राशियों को आगामी दिनों में समायोजित किया जाए।

साथ ही महानगर अध्यक्ष ने बिजली चोरी और बिजली की चीजों को कम कर उपभोक्ताओं पर अवैध रूप से लादे जाने वाले अधिभार को भी कम किया जाए राज्य का प्रथम कर्तव्य राज्य की जनता को राहत प्रदान करना होता है  न  कि मुनाफाखोरी करना ।

अतः ग्राहक पंचायत मांग करता है कि शीघ्र अति शीघ्र बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाए और बिजली चोरी एवं छीजत को कम कर बिजली कंपनियों को घाटे से उबार आ जाए।

ज्ञापन देते समय अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत सह संगठन मंत्री एडवोकेट मुकेश आचार्य एडवोकेट पंकज जोशी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

 

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