Thursday, December 11, 2025
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पेंशन के मामले में न्यायालय से मिली बड़ी राहत

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान उच्च न्यायालय खंडपीठ जोधपुर की स्पेशल बैंच ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में राजस्थान के समायोजित शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत प्रदान कर दी है। न्यायालय ने शिक्षाकर्मियों की ओर से राज्य सरकार को जमा कराई जानी वाली प्रोविडेंट फंड (पी.एफ.) की राशि अब 30 जून 2018 तक जमा कराने की मोहलत दे दी है। इससे पहले एक फरवरी को न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में शिक्षाकर्मियों को पुरानी पेंशन स्कीम के तहत पेंशन का हकदार बताते हुए पीएफ की राशि 31 मार्च 2018 तक जमा कराने के आदेश दिए थे।

राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी वेलफेयर सोसायटी अजमेर के प्रदेशाध्यक्ष एवं इस मामले में याचिकाकर्ता सरदार सिंह बुगालिया ने ‘अभय इंडिया’ को बताया कि न्यायालय की ओर से गत एक फरवरी को पेंशन के संबंध में दिए गए आदेश के बाद राज्य सरकार की ओर से पीएफ की राशि जमा कराने को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए थे, जबकि कर्मचारी उक्त राशि जमा कराने को तैयार थे। इसे लेकर उन्होंने बतौर याचिकाकर्ता अपने अधिवक्ता मनोज भंडारी के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश किया गया। इसमें बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से पीएफ राशि जमा कराने को लेकर कोई निर्देश अभी तक नहीं मिले हैं, ऐसे में कर्मचारी असमंजस की स्थिति में है कि राशि कहां जमा कराएं। उक्त प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने गुरुवार को पीएफ की राशि जमा कराने की तारीख 30 जून 2018 तक बढ़ाने तथा पीएफ राशि का चैक संबंधित विभाग के नियुक्ति अधिकारी को जमा कराने के संबंध में आदेश किए है।

उल्लेखनीय है कि सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष बुगालिया के नेतृत्व में बुधवार को जयपुर में एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिला था। शिष्टमंडल ने उनसे पेंशन के मसले पर दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सोसायटी के प्रदेश महामंत्री गोपाल छंगाणी तथा बीकानेर जिला इकाई के अध्यक्ष सत्यप्रकाश बाना ने न्यायालय के आदेश को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बताया है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द अपना पक्ष सामने रखने की मांग की है।

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