





बीकानेर abhayindia.com नगर निगम महापौर सुशीला कंवर ने मुखरित अंदाज में कहा है कि निकायों में जन प्रतिनिधियों की हैसियत कमजोर करने के लिये राज्य सरकार नौकरशाहों का बढावा दे रही है। महापौर ने 16 जून को स्वायत शासन विभाग के संयुक्त सचिव की ओर से जारी परिपत्र का हवाला देते कहा कि जब जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के पास पत्रावलियां नहीं आएगी तो फिर निकायों में उनके मायने क्या रह जाएंगे।
उन्होने कहा कि यह परिपत्र तो निकायों में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कुठाराघात है,इससे नौकरशाहों की मनमानी बढ जायेगी,जिसे जनता किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। महापौर ने कहा कि यह संयुक्त शासन सचिव का यह परिपत्र नगर पालिका अधिनियम के विपरीत है।
मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है
महापौर ने कहा कि इस परिपत्र का वापस लिये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और स्वायत शासन मंत्री शांति धारीवाल को पत्र भेजा है,अगर परिपत्र वापस नहीं लिया तो स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि इसके विरोध में आंदोलन का आगाज भी कर सकते है। पत्र में अवगत कराया गया है कि इस प्रकार के आदेश निकायों को कमजोर करने के प्रयास है। राजस्थान नगर पालिका पंचम संशोधन अधिनियम 2017 जो मई 2017 में किया गया तब नगर पालिका अधिनियम की धारा 49 में उपधारा जोडकऱ निकायों प्रमुखों की शक्तियों में वृद्धि की। उसमे निकाय प्रमुखों को अधिकारी व कर्मचारियों पर अधीक्षण एवं नियंत्रण के अधिकार प्रदान किए गए थे। उक्त पत्र नगर पालिका अधिनियम की भावना व मंशा के विपरीत है।





