





जयपुर Abhayindia.com विद्या संबल योजना को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित करने और वन रक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले को लेकर गहलोत सरकार कठघरे में हैं। इस बीच, बीजेपी भी हमलावर है। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक वासुदेव देवनानी ने गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार भर्ती परीक्षाएं कराने के नाम पर महज बेरोजगारों को ठग रही है। उसकी मंशा बेरोजगारों को नौकरियां देने की नहीं है। यही कारण है कि जो भी परीक्षाएं होती हैं, तो सत्ता से जुड़े माफियाओं द्वारा पेपर लीक कर बेरोजगारों के सपने और मेहनत पर पानी फेर देते हैं।
पूर्व शिक्षा मंत्री देवनानी ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार गंभीर होती और उसका प्रशासन व पुलिस तंत्र मजबूत होता, तो अब वनरक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब विद्या संबल योजना को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर बेरोजगारों के साथ फिर से विश्वासघात किया है।
उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के शासनकाल में अब तक 11 भर्ती परीक्षाएं विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कराई गई हैं, लेकिन कुछ परीक्षाएं पेपर लीक होने और सरकार की अकर्मण्यता के कारण विवादों में उलझ गई हैं। कुछ परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट में जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह परीक्षाओं के पेपर लीक होते हैं, उससे यह आशंका बल खाती है कि पेपर लीक करने वाले माफियाओं को संरक्षण हैं। पुलिस अब तक कई लोगों को पकड़ चुकी है। इससे पहले भी कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन सरकार ने उनसे बिल्कुल भी सबक नहीं सीखा। इसी का नतीजा है कि अब फिर परीक्षा का पेपर लीक हो गया, जिससे पिछले दो साल से नौकरी की आस में पूरी मेहनत के साथ तैयारी कर लाखों अभ्यर्थियों के अरमानों और मेहनत पर पानी फिर गया है।
देवनानी ने कहा कि इसी प्रकार सरकार ने विद्या संबल योजना के तहत हजारों शैक्षिक–प्रशैक्षिक योग्यताधारियों को गैस्ट फैकल्टी के रूप में स्कूलों में रोजगार देने की घोषणा कर उन्हें गुमराह किया। सरकार ने हर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को गैस्ट फैकल्टी से लगाने के लिए आवेदन मांगे, लेकिन सोमवार को शिक्षा निदेशालय ने इसे आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। जबकि हजारों बी.एड. और एम.एड. योग्यताधारी बेरोजगार सरकारी स्कूलों में गैस्ट फैकल्टी शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर चुके हैं।





