







जयपुर Abhayindia.com राजस्थान डिस्कॉम्स द्वारा भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से शुरू की गई व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को मुश्किल घड़ी में संबल प्रदान कर रही है। असमय ही दिवंगत हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम के 6 कार्मिकों के आश्रितों को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में एक करोड़ 50 लाख रूपए की बीमा राशि के चेक प्रदान किए। यह राशि निगम द्वारा राजकीय नियमों के अन्तर्गत देय परिलाभों के अतिरिक्त है।
नागर ने जयपुर डिस्कॉम की इस मानवीय पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार मुश्किल परिस्थितियों में कार्य करने वाले कार्मिकों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। ऊर्जा मंत्री ने इस अवसर पर दिवंगत कार्मिक बच्चू सिंह मीणा की पत्नी मनीषा मीणा को 1 करोड़ रूपए का चेक प्रदान किया। दौसा के मनोहरपुर सहायक अभियन्ता कार्यालय में तकनीशियन प्रथम पद पर कार्यरत बच्चू सिंह का इस साल 19 मई को सड़क दुर्घटना में देहावसान हो गया था। उन्होंने तकनीशियन (प्रथम) स्व. मनोज शर्मा एवं स्व. नवीन, तकनीशियन (द्वितीय) स्व. राकेश सुमन, लाइनमैन (प्रथम) स्व. युधिष्ठिर कुमार सैनी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी (कार्यालय अधीक्षक द्वितीय) स्व. दशरथ सिंह के आश्रितों को भी 10-10 लाख़ रूपए की सावधि बीमा राशि के चेक प्रदान किए।
प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा, चेयरमैन राजस्थान डिस्कॉम्स आरती डोगरा, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी, भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा विद्युत निगम कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी इस दौरान उपस्थित रहे। निगम के मुख्य कार्मिक अधिकारी हरिभूषण भाटिया ने बताया कि 22 अप्रेल 2025 को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की उपस्थिति में विद्युत निगमों ने मुख्यमंत्री निवास पर भारतीय स्टेट बैंक के साथ कार्पोरेट सैलरी पैकेज के अन्तर्गत एमओयू किया था। जिसके अनुसार दुर्घटना मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में बैंक द्वारा आश्रितों को 1 करोड़ रूपए, आंशिक निःशक्तता की स्थिति में 80 लाख रूपए का तथा अन्य परिस्थितियों में बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए न तो विद्युत निगमों ने बैंक को कोई प्रीमियम दिया है न कार्मिकों ने। इस बीमा का प्रीमियम बैंक स्वयं अदा कर रहा है। योजना के जरिए वितरण निगम बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक भार के अपने दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिजनों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रहे हैं।
पहले क्या थी स्थिति
विद्युत कार्य करते समय कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के चलते विद्युत कार्मिक हादसे का शिकार हो जाते हैं। विकलांगता एवं अशक्तता के साथ ही असमय ही जान तक चली जाती है। जिसके लिए वर्तमान नियमों में निगम क्षतिपूर्ति के रूप में अधिकतम 20 लाख रूपए तक ही आश्रित परिवार को प्रदान कर पाते थे। जो कि कई बार विषम पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पर्याप्त प्रतीत नहीं होती थी। ऐसे में विद्युत कर्मचारी संगठनों की मांग पर डिस्कॉम्स प्रबंधन ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का यह एमओयू किया था जिससे अब कर्मचारियों को दुख की इस घड़ी में आर्थिक संबल मिल रहा है।
अब सेवानिवृत्त कार्मिकों को भी व्यापक पेंशन पैकेज
कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री ने जयपुर विद्युत वितरण निगम के सेवानिवृत्त पेंशनर कार्मिकों के लिए भी भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से व्यापक पेंशन पैकेज का शुभारंभ किया। इसके अन्तर्गत अब इन सेवानिवृत्त कार्मिकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की स्थिति में 30 लाख रूपए तथा बीमारी, बच्चों के विवाह एवं उच्च शिक्षा की स्थिति 10 लाख रूपए का बीमा कवर सम्मिलित है।






