Friday, April 24, 2026
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राजस्‍थान में हीटवेव से बचाव के लिए विभाग बनायेंगे एक्शन प्लान, नोडल अधिकारी नियुक्‍त होंगे

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जयपुर Abhayindia.com अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह ने प्रदेश में लू-तापघात (हीटवेव) की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को उनसे जुडे़ दायित्वों के लिए एक्शन प्लान बनाने तथा नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करते हुए लू एवं तापघात से बचाव के लिए प्रभावी उपाय एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

शुभ्रा सिंह मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जलवायु परिवर्तन पर गठित मल्टी-सेक्टोरल स्टेट लेवल टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रदेश में भीषण गर्मी एवं अत्यधिक लू की चेतावनी दी गई है। इसे ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही, केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लू-तापघात जैसी स्थितियों से निपटने के लिए व्यापक कार्यवाही सुनिश्चित की जानी है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि वन विभाग जंगलों में आगजनी की घटनाओं को रोकने तथा आगजनी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करने के साथ ही वन क्षेत्र में रह रहे परिवारों को जागरूक करें। उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग को निर्देश दिये कि राजकीय एवं निजी अस्पतालों के साथ ही अन्य संस्थानों में फायर ऑडिट एवं फायर एनओसी के कार्य को अभियान चलाकर यथाशीघ्र पूरा करें।

सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को लू-तापघात से बचाने के लिए आश्रय स्थल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मनरेगा साइट्स पर श्रमिकों के लिए छाया, पानी एवं मेडिकल किट इत्यादि की पर्याप्त उपलब्धता हो। आमजन को लू-तापघात तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए ग्राम सभाओं में आवश्यक जानकारी दी जाये। लोगों को गर्मीजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जाये।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की घर-घर तक पहुंच है। वे आमजन को गर्मीजनित बीमारियों के संबंध में आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करवाएं तथा बीमारी के लक्षण पाये जाने पर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित करने में सहयोग करें। उन्होंने स्कूलों में नो-बैग-डे के अवसर पर विभिन्न आईईसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को गर्मीजनित बीमारियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने आईईसी एवं अन्य गतिविधियों में एनसीसी व स्काउट-गाइड, एनजीओ, सिविल सोसायटीज इत्यादि संगठनों का सहयोग लेने पर भी बल दिया।

सिंह ने मौसम विभाग को तापमान एवं हीटवेव के संबंध में समय-समय पर अलर्ट जारी करने, आपदा प्रबंधन विभाग को आगजनी व अन्य आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल की सुचारू आपूर्ति करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग करें और स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना प्रेषित करें।

बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. सुशील कुमार परमार सहित संबंधित विभागों एवं यूनिसेफ के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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