कलक्टर ने देखा- बीकानेर में कैसे होता है खुलेआम जिप्सम का अवैध खनन

बीकानेर में जिप्सम के अवैध खनन का निरीक्षण के लिए रात को निकले कलक्टर कुमारपाल गौतम।
बीकानेर में जिप्सम के अवैध खनन का निरीक्षण के लिए रात को निकले कलक्टर कुमारपाल गौतम।

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम शनिवार को सायं से देर रात तक बज्जू क्षेत्र के औचक निरीक्षण पर रहे। इस दौरान उन्होंने बज्जू क्षेत्र के मगनवाला तथा कायमवाला क्षेत्र में हो रहे जिप्सम के खनन का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया उन्होंने इसे अवैध खनन पाया। जिला कलक्टर के इस क्षेत्र में पहुंचने की सूचना के साथ ही जिप्सम का अवैध खनन कर रहे लोग जेसीबी मशीन और अपनी गाड़ी छोड़कर वहां से भाग गए। गौतम रात 10 बजे तक इस क्षेत्र में रहे और जिप्पस की अवैध खनन और परिवहन की जांच की।

गौतम ने बताया कि इस क्षेत्र में नियमानुसार खनिज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य स्थल पर उपस्थित रहना चाहिए, लेकिन वे आज यहां उपस्थित नहीं थे। क्षेत्र में हुए खनन को देख कर लग रहा था वृहद स्तर पर जिप्सम का दोहन हो रहा था। निर्धारित सीमा से अधिक जमीन को खोदकर जितना जिप्सम निकालना चाहिए, उससे अधिक जमीन खोद कर जिप्सम खनन किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि जैसे ही खनन की जांच करने पहुंचे, वहां एक दर्जन से अधिक वाहन पाये गए। इनमें से कुछ तो वाहन सहित वहां से भाग छूटे और यहां खनन में लगी जेसीबी छोड़कर चले गए। इन जेसीबी को रविवार को बज्जू थाने में रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि जो अवैध खनन हुआ है, उसकी अनुमानित लागत 2 से 4 करोड़ रूपये है।

जिला कलक्टर ने बताया कि मगनवाला तथा कायमवाला क्षेत्र में परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर जिप्सम खनन किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि खनन रवाना (पर्ची) दी जानी चाहिए, वह भी नहीं दी जा रही थी। इस तरह की व्यवस्था वहां कहीं भी नजर नहीं आई। राज्य सरकार के नियमानुसार जिप्सम के खनन के बाद विभाग द्वारा एक पर्ची रवाना दी जाती है। मगर इस तरह की पर्ची देने का कोई प्रावधान इन क्षेत्र में नजर नहीं आ रहा था और स्पष्ट लग रहा था कि जिप्सम का खनन कर रहे व्यक्ति अपनी मर्जी से जितना चाहे जिप्सम खनन करें और ले जाएं। जिस तरह जिप्सम का दोहन हो रहा है उससे ऐसा लगता है कि खनिज विभाग की तरफ से किसी तरह की कोई कार्यवाही अब तक नहीं की गई। अगर कार्यवाही की गई होती तो नियम विरूद्ध ये लोग खनन नहीं करते।

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