





जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में सीएम के चेहरे को लेकर चल रही खींचतान तेज हो रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच चल रही खेमेबंदी के बीच अब पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सी. पी. जोशी भी मैदान में उतर आए हैं। सीएम के चेहरे के रूप में तिकड़ी सामने आने के बाद पार्टी आलाकमान की चिंता भी बढ़ सकती है।
डॉ. जोशी ने रविवार को नाथद्वारा में अपने जन्म दिन समारोह के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया। इस मौके पर उनके समर्थकों ने उन्हें भावी मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया। समारोह में कई कांग्रेसी दिग्गज शामिल हुए। तीन दिन पहले अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री पद का बेहतर चेहरा बताने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री लालचंद कटारिया और आधा दर्जन विधायकों ने रविवार को जोशी के समर्थन में नारेबाजी की। इतना ही नहीं, कटारिया ने हाथ खड़े कर जोशी को राजस्थान का नेता बताते हुए समर्थकों से नारे लगवाए। जबकि अपने भाषण के दौरान डॉ. जोशी ने भी इशारों ही इशारों में खुद को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बता दिया।
इससे पहले शनिवार को उदयपुर में अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया था। पत्रकारों द्वारा मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर किए गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि जब चेहरा दस साल सामने रहा है तो अब किस रूप में चेहरे को सामने लाया जाए। उन्होंने साफ किया कि वह ताउम्र राजस्थान की सेवा करते रहेंगे।
इधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष सचिन पायलट इन दिनों विदेश में हैं, लेकिन उनके समर्थक प्रदेश में सक्रिय हैं। गहलोत के बयान और जोशी के शक्ति प्रदर्शन के बीच पायलट समर्थक पूर्व सांसद डॉ. हरिसह, पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी और भंवरलाल मेघवाल अपने गुट के नेताओं को एकजुट करने में जुटे हैं।





