Saturday, January 24, 2026
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बीकानेर में जनगणना 2027 : तहसीलवार ग्राम सूचियों को गृह मंत्रालय से आई टीम की उपस्थिति में दिया गया अंतिम रूप

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बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में जनगणना 2027 की पूर्व तैयारियों के अंतर्गत तहसीलवार ग्राम सूचियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को एक दिवसीय कैंप का आयोजन जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। दिन भर चले इस कैंप में भारत सरकार के गृह मंत्रालय से आई चार सदस्यीय टीम के समक्ष ग्राम सूचियों को अंतिम रूप दिया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना 2027 के सभी कार्य अति महत्वपूर्ण है। इसमें संबंधित अधिकारीगण किसी भी प्रकार की कोताही ना बरतें।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय से आए उप निदेशक डॉ पुलकेश शर्मा ने बताया कि क्षेत्राधिकार परिवर्तन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्राप्त सभी अधिसूचनाओं को सम्मिलित करते हुए अद्यतित ग्राम सूचियों के अंतिम रूप देने में गांवों की संख्या, राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार हिंदी व अंग्रेजी में गांवों के नाम, गांवों के क्षेत्रफल, मानचित्र इत्यादि को संबंधित तहसीलदार द्वारा प्रमाणित किया गया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि नव सृजित गांवों को संबंधित ग्राम सूची में शामिल कर लिया गया है तथा विलोपित और स्थानांतरित गांवों को संबंधित ग्राम सूची से हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि तहसीलदार द्वारा प्रमाणित सूचियों को संबंधित एसडीएम और एसडीएम व तहसीलदार द्वारा प्रमाणित सूचियों को जिला कलेक्टर के द्वारा अंतिम रूप से प्रमाणित किया गया। शर्मा ने बताया कि इन सूचियों में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि नवसृजित गांव छूट ना जाए और जिन गांवों का क्षेत्राधिकार परिवर्तित हुआ है उसे उसी रूप में प्रमाणित किया गया है या नहीं। इसी प्रकार नगर सूचियां में नगर का नाम हिंदी अंग्रेजी वर्तमान क्षेत्रफल वर्तमान वार्ड संख्या को भी संबंधित चार्ज अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया। प्रत्येक तहसील से ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र के संबंध में संपूर्ण कवरेज का प्रमाण पत्र भी संबंधित चार्ज अधिकारी उपखंड अधिकारी के साथ जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया

अप्रैल से सितंबर -2026 
तक चलेगा पहला चरण

उप निदेशक डॉ पुलकेश शर्मा ने बताया कि जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर -2026 तक मकान सूचीकरण और आवास गणना की जाएगी तथा द्वितीय चरण फरवरी 2027 से जनसंख्या गणना की जाएगी। खास बात ये भी कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जबकि 2011 में इसके लिए आईसीआर तकनीक का उपयोग किया गया था। जनगणना 2027 में स्मार्टफोन के जरिये जानकारी एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है, साथी स्वयं करना साथ ही स्व गणना का विकल्प भी प्रदान किया गया है जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी हो सके।

जनगणना 2011 में ली गई थी
29 जानकारियां, अब लेंगे 33

डॉ पुलकेश शर्मा ने बताया कि 2011 की जनगणना में नागरिकों से 29 प्रकार की जानकारियां ली गई थी। जबकि जनगणना 2027 में लोगों से कुल 33 जानकारियां ली जाएंगी। इसमें नाम, भवन नम्बर जैसी सामान्य जानकारियों के अलावा कई महत्वपूर्ण सवाल होंगे। इस बार समय के हिसाब से जनगणना के प्रश्नों में बदलाव किया गया है। लोगों से इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं। इंटरनेट सुविधा है या नहीं। क्या लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल स्मार्टफोन या कोई दूसरी डिवाइस यूज करते हैं। इस तरह के सवाल भी पूछे जाएंगे। इसके साथ ही लोग घर पर चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का या इसके अलावा कौन सा मुख्य अनाज खाते हैं यह भी पूछा जाएगा।

इसके अलावा पेयजल का मुख्य स्रोत, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, नाली खुली हैं या पैक, खाना पकाने के लिए किस ईंधन का प्रयोग होता हैं, घर में शौचालय और परिवार इस्तेमाल के लिए शौचालय हैं या नहीं, इन सभी सवालों का जवाब देना होगा। इसके साथ ही लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि वे एससी, एसटी या अन्य किस वर्ग से आते हैं। उनके घर में सदस्यों के रहने के लिए कुल के कितने कमरे हैं। घर में कार, जीप, मोटरसाइकिल, साइकिल क्या वाहन उपलब्ध हैं। ये तमाम जानकारियां ली जाएंगी। वहीं मकान में छत, दीवार और फर्श किससे बनी हैं, यह जानकारी भी इकट्ठा की जाएगी।

इस अवसर पर निगम कमिश्नर मयंक मनीष, अतिरिक्त जिला कलक्टर सुरेश कुमार यादव, गृह मंत्रालय से आए उपनिदेशक डॉ पुलकेश शर्मा, सांख्यिकी अन्वेषक प्रथम महेन्द्र कुमार मीणा, सांख्यिकी अन्वेषक योगेश बजाज, अपेक्षा जैन समेत सभी एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

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