








बीकानेर abhayindia.com हैम्योपैथी चिकित्सा के जनक सैमुअल हैनीमैन की जयंती आज मनाई गई। होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़े चिकित्सकों ने सैमुअल हैनीमैन का स्मरण किया। हलांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते इस बार बड़ा आयोजन नहीं हुआ।
मांगीलाल निर्बान होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सैमुअल हैनीमैन की स्मृति में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया। इस चिकित्स पद्धति के जनक माने जाने वाले जर्मन मूल के सैमुअल हैनीमैन का जन्म 10 अप्रैल को ही हुआ था। इस साल उनकी 266 वीं जयंती है।
इस अवसर पर मांगीलाल निर्बान होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ.एजाज अजीज सुलेमानी ने बताया की इस अवसर पर डायबिटीज टाइप-1 पर निशुल्क परामर्श चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ.ऐजाज अजीज सुलेमानी ने बताया की शिविर में विशेष रूप से ऊटनी के दूध से निर्मित दवा से डायबिटीज टाइप-1 का इलाज किया गया।
इसमें इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते है। ऊटनी के दूध से निर्मित दवाई के सेवन से इंसुलिन की निर्भता कम की जा सकती है, शरीर में कमजोरी महसूस होती है वो इस दवाई से खत्म हो जाती है। शिविर में डॉ.सुरेन्द्र मावर, डॉ.नरेन्द्र कुमार, डॉ.नेहा, इनटर्न विधार्थी डॉ.निकिता टॉक, डॉ.दीप्ति शर्मा एवं सतीश पांडे ने भागीदारी निभाई।


