








बीकानेर Abhayindia.com बायोलॉजी का मतलब केवल नीट नहीं है ये साबित किया है बीकानेर की लाडली बिटिया लतिका स्वामी ने। सुथारों की बड़ी गुवाड़ निवासी वरिष्ठ सरकारी अध्यापक मनोज स्वामी की सुपुत्री लतिका ने बारहवीं के बाद प्रतिभाशाली होने के बावजूद ये सोच लिया था उसे नीट की बजाय बायोलॉजी के ऐसे कोर्स में जाना है जहाँ ग्रेजुएशन के तुरंत बाद सरकारी जॉब के चांसेज ज्यादा होते हैं।
लतिका को कैरियर काऊन्सलिंग के दौरान सिंथेसिस के निदेशक जेठमल सुथार ने सुझाव दिया कि जल्दी और ज्यादा सरकारी जॉब के चांसेज बी.एस.सी. नर्सिंग में होते हैं। निदेशक की सलाह पर लतिका ने इसके लिए आर. यू. एच. एस की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर ली है और उसमें अच्छी रैंक हासिल की और जयपुर के टॉप सरकारी कालेज की बजाय बीकानेर के एसपीएमसी कालेज को वरीयता दी। सलाह के अनुरूप इन्होंने सतत कठोर परिश्रम के मंत्र को फोलो किया और फर्स्ट ईयर से ही अपने सपने यानि NORCET की तैयारी शुरू कर दी। जिसका रिजल्ट ये रहा कि ग्रेजुएशन के मात्र एक महीने बाद ये प्रतिष्ठित परीक्षा दी और संपूर्ण भारत में ऑल इंडिया रैंक 32 प्राप्त करके बीकानेर का नाम भारत भर में रोशन कर दिया। अब इनकी इच्छा एम्स दिल्ली में नर्सिंग आफीसर के पद पर कार्य करने की है और बेहतरीन रैंक के कारण आसानी से ये पोस्ट हासिल हो जायेगी। जब पिता सहित आशीर्वाद लेने मेरे पास आई तो यही सलाह दी कि अभी केवल शुरुआत है और इस सफलता से संतुष्ट होने की बजाय आगे बढने का मोटीवेशन लेकर नर्सिंग लैक्चरर बनने की कोशिश करके इस फील्ड की ऊंचाईयों को हासिल करना है।


