बीकानेर : व्यवहारिक शिक्षा समय की आवश्यकता, केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने किया आरएसवी में स्मार्ट बोड्र्स का उद्घाटन…

बीकानेर abhayindia.com जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी शिक्षण समूह में 70 इंटरैक्टिव स्मार्ट बोड्र्स के इंस्टॉलेशन और संचालन प्रक्रिया का उद्घाटन केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्किल्ड नौजवानों का निर्माण और युवाओं को भविष्य के संघर्ष के लिए सुदृड़ करना ही शिक्षा का मूल उद्देश्य है, जब विद्यार्थी प्रारंभिक काल से ही आधुनिकतम संसाधनों और तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू कर देगा तो उसके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और वह अपने कौशल से देश के हित में भागीदार बन सकेगा।

मेघवाल ने कहा कि नई तकनीक सीखकर युवा अपनी स्किल्स को बढ़ाएंगे और स्किल इंडिया अभियान के साथ जुड़कर सुशासन में अपनी भागीदारी निश्चित करेंगे। मेघवाल ने आंकड़ों के साथ प्रस्तुत किया कि चीन में सकल घरेलू उत्पाद का ढाई फीसदी व्यवसायिक और तकनीकी शिक्षा के लिए खर्च होता है जबकि भारत इस दिशा में चीन से बहुत पीछे है, उन्होंने कहा कि आरएसवी की यह पहल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी। मेघवाल ने कहा कि इन इंटरैक्टिव स्मार्ट बोड्र्स के उपयोग से लर्निंग बढ़ेगी।

अध्यक्षता करते हुए वेटरनरी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एके गहलोत ने कहा कि तकनीक के साथ-साथ स्किल्स को सीखना भी बहुत आवश्यक है क्योंकि वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में 100 करोड़ नौकरियां अकेले तकनीक पर ही आधारित होंगी। तकनीकी के बढ़ते प्रभाव के कारण विद्यार्थियों को प्रारंभिक काल से ही तकनीक सैवी बनना ही पड़ेगा अत: ज्ञान ही भविष्य की शक्ति बनेगा।

मैनेजमेंट ट्रेनर डॉ.गौरव बिस्सा ने कहा कि तकनीक टॉलरेंस और टाइमलीनेस के थ्री डी मॉडल को अपनाकर विद्यार्थी करियर में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, इसके लिए नई से नई तकनीक को सीखना, नए चेंज को स्वीकार करना और समय के साथ खुद को परिवर्तित करना जरूरी होता है।

अरुण प्रकाश गुप्ता ने कहा कि टेक्नोलॉजी के साथ जुडऩा इसलिए आवश्यक है क्योंकि वर्तमान कारोबार जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,कंप्यूटर एडेड डिजाइन और नेटवर्क मैपिंग जैसे नए कॉन्सेप्टस पर काम हो रहा है।

इससे पूर्व आरएसवी शिक्षण समूह के सीएमडी सुभाष स्वामी ने बताया की पूरे बीकानेर में शिक्षा के प्रति समर्पित आरएसवी समूह ने कोरोना काल सरीखे मुश्किल काल में भी विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देने के लिए 70 इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड पैनल लगवाए और यह सुनिश्चित किया ,राष्ट्र शिक्षा विद्यालय अर्थात आरएसवी समूह का ध्येय वाक्य यही है कि विद्यार्थी पढ़े, उत्तम तकनीक को जानें ,शिक्षण प्राप्त करें और राष्ट्र को योगदान दें, स्वामी ने कहा कि पैनल्स का लगना विद्यार्थियों में लर्निंग के प्रति एक पॉजिटिव सोच विकसित करेगा और विद्यार्थी हर चीज को आसानी से सीख सकेंगे।

डूंगर कॉलेज प्राचार्य डॉ.जीपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान में दक्ष बनाकर उन्हें हुनर सिखाने की पेशकश करती है,और आरएसवी शिक्षण समूह की ओर से इंस्टॉल्ड स्मार्ट बोर्ड पैनल्स से सीखना बहुत आसान और रुचिकर बन जाता है।

आरएसवी शिक्षण समूह के सीईओ आदित्य स्वामी ने बताया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य ही विद्यार्थियों को इस प्रकार सिखाया जाना है कि उन्हें विषय में दिलचस्पी हो,आसानी से सीखें और वे हर कॉन्सेप्ट को समझकर उस दिशा में शोध,समीक्षा और मूल्यांकन कर सकने में समर्थ बने। कार्यक्रम में पूनित चौपड़ा, ओम प्रकाश मोदी, श्याम मोदी, आरएन आरएसवी के प्रशासक पार्थ मिश्रा, चयनित अभिभावक मौजूद रहे। संचालन आरएन आरएसवी स्कूल के प्राचार्य नीरज श्रीवास्तव ने किया। रविन्द्र भटनागर ने आभार जताया।