Friday, May 15, 2026
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मध्यप्रदेश के बाद अब राजस्‍थान में होगी “गुजरात मॉडल” से कांग्रेस के जिलाध्‍यक्षों की नियुक्तियां

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जयपुर/बीकानेर Abhayindia.com राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां गुजरात मॉडल से होगी। इससे पहले मध्‍यप्रदेश में भी इसी मॉडल से नियुक्तियां की गई थी। आपको बता दें कि एआईसीसी के निर्देश पर प्रदेश के 50 जिलों में चल रहा संगठन सृजन अभियान अब अंतिम चरण में है। इस अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने हर जिले से 6-6 नामों का पैनल तैयार करने का काम लगभग पूरा कर लिया है।

आपको यह भी बता दें कि इस बार पार्टी आलाकमान ने साफ कर दिया है कि सांसदों, विधायकों या किसी कद्दावर नेता की सिफारिश को इस प्रक्रिया में कोई तवज्जों नहीं दी जाएगी। यह निर्णय प्रदेश के कई नेताओं की चिंता का सबब बन गया है, योंकि अब तक जिला स्तर की नियुक्तियों में राजनीतिक सिफारिशें और जातीय समीकरण अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

बहरहाल, जिलाध्‍यक्षों की नियुक्तियों के लिए 30 केंद्रीय पर्यवेक्षक और 90 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक पिछले दो सप्ताह से इस प्रक्रिया में जुटे हैं। प्रत्येक पर्यवेक्षक को एक जिले में कम से कम सात दिन बिताकर कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों और स्थानीय नागरिकों से संवाद करना है। इस संवाद के आधार पर वे छह नामों की अनुशंसा के साथ अपनी रिपोर्ट एआईसीसी को सौंपेंगे। पर्यवेक्षकों को 24 अक्‍टूबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट हाईकमान को सौंपनी है। इसके बाद एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल पर्यवेक्षकों से वन-टू-वन फीडबैक लेंगे, जिसके आधार पर जिलाध्यक्षों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

बताया जा रहा है कि इस बार जिलाध्यक्षों को ऐसी शक्तियां दी जाएंगी कि उनकी बात सीधे पार्टी हाईकमान तक पहुंचेगी। इतना ही नहीं, भविष्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन में भी उनकी राय को महत्वपूर्ण माना जाएगा। एआईसीसी का कहना है कि यह कदम पार्टी को नई ऊर्जा देने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

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