महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में निकाली प्रवेश लॉटरी, हल्दीराम सोसायटी के प्रतिनिधि ने उठाई वंचितों को प्रवेश की मांग…

बीकानेर Abhayindia.com महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम), मुरलीधर व्यास नगर, बीकानेर में सत्र 2022-23 में प्रवेश प्रक्रिया के तहत आज कक्षा नर्सरी एवं कक्षा 1 में प्रवेश के लिए लॉटरी निकाली गई। नोडल अधिकारी भूपसिंह तिवाड़ी (अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (मु०). माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर), कान्ता छाबा (मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक बीकानेर), पार्षद सुधा आचार्य, हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी के बीकानेर प्रतिनिधि रमेश कुमार अग्रवाल (कालू) एवं प्रधानाचार्य अमीना फातिमा के निर्देशन में लॉटरी निकाली गई।

इस अवसर पर हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी नई दिल्ली के प्रतिनिधि रमेश कुमार अग्रवाल (कालू) ने कहा कि सोसाइटी की ओर से 9 साल तक के लिए इस विद्यालयों को गोद लेकर इसके सम्पूर्ण विकास का जिम्मा लिया गया है। बिल्डिंग निर्माण में जो समस्या आ रही है उसके निवारण के लिए शीघ्र ही कार्य योजना बनाकर इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि वे राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से इस बात के लिए आग्रह करेंगे कि जो बच्चे लॉटरी द्वारा वंचित रह गए हैं जिनकी संख्या लगभग 485 है उनको भी इसमें प्रवेश मिले जिससे यह भी अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त कर सके। साथ ही मुरलीधर व्यास कॉलोनी का यह स्कूल पूरे राज्य में एक मॉडल के रूप में स्थापित हो ऐसी सोसाइटी की सोच है। क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक शिक्षा मिले इसके लिए वे राज्य सरकार से हर संभव मदद दिलवाने का प्रयास करेंगे।

अग्रवाल ने कहा कि सोसाइटी सरकार से इस बात के लिए आग्रह करेगी इस पूरे भवन को नया रूप दिया जा सके और डबल मंजिल के रूप में स्थापित किया जा सके जिससे भवन भी उपयोगी बन जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि साथ ही बच्चों को भी अधिक संख्या में प्रवेश मिल जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से निदान के लिए पत्र लिखेंगे। इस लॉटरी में प्रवेश समिति द्वारा पूर्ण पारदर्शिता अपनाई गई, जिसमें स्थानीय अभिभावक एसडीएमसी सदस्य एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। लॉटरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। शाला के उत्तम शैक्षिक वातावरण को देखते हुए कक्षा नर्सरी एवं कक्षा 1 में क्रमशः रिक्त 25, 30 सीटों पर क्रमशः 266 एवं 484 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे।