








जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में संचालित ‘शुद्ध आहार- मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की निरीक्षण टीम ने गुरुवार को जयपुर के खो नागौरियान क्षेत्र में नेचुरल ब्रांड के नाम से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्थिति में तैयार किये जा रहे सॉस एवं मेंयोनीज़ की फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई कर लगभग 1400 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की और 2280 किलो खाद्य सामग्री सीज की। नियम विरुद्ध गतिविधियां पाये जाने पर फर्म का खाद्य अनुज्ञा पत्र निरस्त किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में जयपुर मुख्यालय की सेंट्रल टीम ने निर्माण इकाई मैसेज श्याम इंडस्ट्रीज पर आकस्मिक निरीक्षण किया और वहां अनेक कमियां पाई गई, नियमों का उल्लंघन मिला।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण में पाया गया कि फर्श जगह-जगह से टूटा हुआ था, फर्श के साथ लगी दीवारों पर न तो टाइलें थी, न ही किसी पेंट किया हुआ था। मौके पर मौजूद लगभग 6 स्टाफ का मेडिकल नहीं पाया गया। मौके पर भिवाड़ी और पालम के पते के नाम से भी मेयोनेज़ को पैक किया जा रहा था। वेजिटेबल सॉस में भारी मात्रा में कलर मिलाया जा रहा था। मेयोनीज बनाने के लिए काम आने वाला स्टार्च बिल्कुल अनहाइजीनिक स्थिति में रखा हुआ था ।
डॉ. शुभमंगला ने बताया कि मौके पर अनहाइजीनिक स्थिति में रखे हुए स्टार्च एवं सॉस में कीड़े पड़े हुए थे। इस 1400 किलो हानिकारक मटेरियल को मौके पर ही नष्ट कराया गया। टीम ने एफएसएस एक्ट के तहत मौके से कॉन्टिनेंटल सॉस और ग्रीन चिली सॉस के 1-1 नमूने और मेयोनेज़ के दो नमूने लिए। लगभग 2280 किलो खाद्य सामग्री सीज़ की गई।
उन्होंने बताया कि मौके पर पाई गई भारी अनियमितताओं के कारण संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा ने सीएमएचओ, जयपुर (द्वितीय) एवं उनके खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल को मौके पर बुलाया और फार्म का खाद्य अनुज्ञा पत्र मौके पर ही निरस्त करवाया। नमूने जांच के लिए जयपुर की खाद्य प्रयोगशाला में भेजे जा रहे हैं। जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने आमजन से अपील की है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट का अंदेशा हो तो तत्काल विभाग के स्थानीय अधिकारी को जानकारी दें ताकि जनस्वास्थ्य के प्रति हानिकारक खाद्य सामग्री निर्माण करने वाले या विक्रय करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


