आज आपका ऑफिस किसी बाजार में नहीं, आपकी स्क्रीन पर है। एक लैपटॉप, एक तेज इंटरनेट और घर का एक शांत कोना- यही आपकी नई दुकान है। लाखों युवा इसी छोटे से कोने से करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल दुकान कहां लें, ये नहीं सवाल ये है कि घर के उस कमरे को कैसे सजाएं, जहां से लक्ष्मी आएगी? क्या वास्तु का एक छोटा सा बदलाव आपके ऑनलाइन बिजनेस को रफ्तार दे सकता है? बिल्कुल दे सकता है। क्योंकि वास्तु अंधविश्वास नहीं, जगह का सही इस्तेमाल है। आइए, समझते हैं घर के छोटे से कमरे को बड़े मुनाफे वाले बिजनेस ऑफिस में कैसे बदलें। आज के डिजिटल युग में कारोबार करने के तौर-तरीके बदल गए हैं। अब व्यापार के लिए बाजार में महंगी दुकान जरूरी नहीं। घर के एक छोटे से कमरे से ही ऑनलाइन सामान बेचना, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन शिक्षा, कंसल्टेंसी, फ्रीलांसिंग और सोशल मीडिया से ब्रांड बनाया जा सकता है।
ऐसे में घर का वह कमरा जहां आप योजना बनाते हैं, क्लाइंट से बात करते हैं, दिनभर लैपटॉप पर रहते हैं, वही आपका असली ऑफिस है। सबसे पहले सही कमरे का चुनाव। सिर्फ खाली जगह देखकर कमरा मत चुनिए। देखिए कि वहां शांति से काम हो पाएगा या नहीं। जहां परिवार की आवाजाही, टीवी का शोर या बार-बार व्यवधान हो, वहां एकाग्रता टूटेगी। वास्तुशास्त्र में उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना गया है। यदि इन दिशाओं में रोशनीदार और हवादार कमरा मिले तो वह ऑनलाइन ऑफिस के लिए उत्तम है। लेकिन छोटे घरों में जगह सीमित होती है, इसलिए सबसे बड़ा नियम है जो कमरा उपलब्ध है, उसे सबसे शांत, साफ और सुविधाजनक बना लें।
उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठना शुभ
वास्तु में काम करते समय उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि पूर्व दिशा नई ऊर्जा और सूर्य के प्रकाश की प्रतीक है, जबकि उत्तर दिशा धन और नए अवसरों से जुड़ी है। इसलिए मेज ऐसी रखें कि आपका मुंह उत्तर या पूर्व की ओर रहे। पर ध्यान रहे, यदि इस दिशा में बैठने से स्क्रीन पर सीधी धूप पड़े या आने-जाने का रास्ता रुके, तो सुविधा के हिसाब से बदलाव कर लें। लंबे समय तक काम करने वालों के लिए सही स्क्रीन हाइट और आरामदायक कुर्सी दिशा से भी ज्यादा जरूरी है।
उत्तर-पूर्व का कोना रखें बिल्कुल साफ इसे ईशान कोण कहते हैं। वास्तु में इसे सबसे हल्का और पवित्र माना जाता है। यहां कचरा, पुराने कागज, खाली डिब्बे या खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान बिल्कुल न रखें। घर से काम करते समय हम मेज पर ही छोटा-मोटा सामान रख देते हैं और वही धीरे-धीरे अव्यवस्था बन जाता है। इससे समय बर्बाद होता है और काम का उत्साह घटता है।
दक्षिण-पश्चिम में रखें जरूरी फाइलें और अलमारी इसे नैऋत्य कोण कहते हैं, जो स्थिरता का प्रतीक है। यहां अलमारी, फाइल कैबिनेट और जरूरी दस्तावेज रखना अच्छा माना जाता है। ऑनलाइन बिजनेस में ग्राहकों का रिकॉर्ड, बिल और पेमेंट की जानकारी ही आपकी पूंजी है, इसे यहीं व्यवस्थित रखें। मेज-कुर्सी ऐसी कि घंटों थकान न हो आपका 80% समय स्क्रीन के सामने बीतता है। कुर्सी की पीठ को सहारा देने वाली हो, मेज की ऊंचाई ऐसी हो कि गर्दन न झुके। मेज पर सिर्फ जरूरी सामान – लैपटॉप, मोबाइल, नोटबुक रखें। मेज को ऐसी जगह रखें जहां रोशनी तो आए, पर स्क्रीन पर चमक न पड़े। दरवाजा, खिड़की और रोशनी का रखें ध्यान दिन में प्राकृतिक रोशनी का पूरा उपयोग करें, पर स्क्रीन पर सीधी धूप न पड़ने दें। दरवाजे के खुलने-बंद होने में मेज आड़े न आए और दरवाजे के पीछे सामान जमा न करें। यदि वीडियो कॉल करनी होती है तो शोर रहित कमरा आपकी प्रोफेशनल छवि बनाता है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में दिशा से ज्यादा जरूरी है सुरक्षा वास्तु में दक्षिण-पूर्व को अग्नि तत्व मानकर इलेक्ट्रॉनिक सामान की जगह बताई जाती है, पर व्यवहारिकता ज्यादा जरूरी है। उपकरणों को गर्म जगह पर न रखें, तारों को उलझा कर न छोड़ें, एक ही प्लग पर सारा लोड न डालें। पानी से दूर रखें और मजबूत इंटरनेट का बैकअप जरूर रखें।
दीवारों का रंग और पृष्ठभूमि
छोटे कमरे में सफेद, क्रीम या बेज जैसे हल्के रंग जगह को बड़ा और रोशन दिखाते हैं। यदि आप वीडियो पढ़ाते हैं या क्लाइंट कॉल करते हैं, तो पीछे की दीवार साफ और हल्के रंग की रखें। आपका चेहरा साफ दिखेगा तो भरोसा बढ़ेगा।
प्रोफेशनल छवि
ग्राहक आपको आपके काम और आपकी स्क्रीन से जज करता है। वीडियो कॉल में पीछे बिखरे कपड़े, डिब्बे या निजी दस्तावेज न दिखें। महंगा फर्नीचर जरूरी नहीं, एक साफ मेज, अच्छी रोशनी और व्यवस्थित बैकग्राउंड ही आपका सबसे बड़ा ऑफिस है। वास्तु दिशा दिखाता है, रास्ता आपको खुद तय करना है। उत्तर-पूर्व साफ रखना, उत्तर की ओर मुंह करना अच्छी बात है, पर असली वास्तु है – साफ-सुथरा, शांत, रोशनीदार और व्यवस्थित कमरा। बड़े निवेश की नहीं, सही योजना और अनुशासन की जरूरत है, तभी घर का छोटा कमरा बड़ा कारोबार चमकाएगा।
वास्तु उंगली पकड़कर दिशा दिखाता है, चलना आपको खुद पड़ता है। उत्तर-पूर्व साफ रखना और उत्तर की ओर मुंह करके बैठना शुभ है, पर सबसे बड़ा वास्तु है आपका खुद का अनुशासन। एक साफ-सुथरा, शांत, रोशनी से भरा और सजा हुआ कमरा ही असली शुभ मुहूर्त है। याद रखिए, बिजनेस को चमकाने के लिए बड़े निवेश की नहीं, बड़ी सोच और सही योजना की जरूरत होती है। तभी आपका छोटा-सा कमरा बड़ी कामयाबी का ऑफिस बनेगा। वास्तु सिर्फ दिशा दिखाता है, दशा आप बनाते हैं। बड़ा पैसा नहीं, बड़ा प्लान चाहिए फिर देखिए, छोटा कमरा कैसे बड़ा कारोबार चमकाता है। -सुमित व्यास, एम.ए (हिंदू स्टडीज़), काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी, मोबाइल – 6376188431



















