बीकानेर Abhayindia.com महापौर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने प्रशासन और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई को बीडीए द्वारा नोटिस दिए जाने के मामले को उन्होंने “लोकतंत्र की हत्या” बताया है।
अधिकारियों पर बरसे कल्ला
कल्ला ने कहा- “सत्ता के दुरुपयोग का पार्ट बन रहे हैं अधिकारी। लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव कराने की अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन बीकानेर में कुछ अधिकारी सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने दो टूक कहा- “अगर किसी अधिकारी को राजनीति करनी है तो वह अपने पद का त्याग करे और खुलकर राजनीति के मैदान में आए, वर्दी के पीछे छिपकर राजनीति करना बंद करे।”
कांग्रेस एकजुट, नोटिस देना लोकतंत्र की हत्या
पार्टी में गुटबाजी के सवाल पर कल्ला ने कहा- “बीकानेर से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस पार्टी एक है। हमारा मेयर बनना तय है।” उन्होंने पार्षद को चुनाव के दिनों में नोटिस देने को लेकर कहा- “चुनाव के दिनों में कांग्रेस पार्षद को इस तरह नोटिस देना लोकतंत्र की हत्या है। जनता सब देख रही है।” जब उनसे भतीजे अनिल कल्ला को टिकट देने पर परिवारवाद के आरोपों के बारे में पूछा गया तो कल्ला ने कहा- “मेरे अलावा मेरे परिवार का कोई भी सदस्य आज तक चुनाव नहीं लड़ा। अब अगर परिवार के किसी सदस्य ने चुनाव लड़ लिया तो कोई जुर्म थोड़ी कर लिया। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए ये बेबुनियाद आरोप लगा रही है।”
गौरतलब है कि कांग्रेस के पास 42 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है और बागी नवरतन डागा के पर्चा वापस लेने के बाद अनिल कल्ला की राह और आसान हो गई है।



















