बीकानेर Abhayindia.com नगर निगम में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद कांग्रेस में मेयर के नाम को लेकर जो धुंधली तस्वीर थी, वो अब काफी हद तक साफ हो गई है। अंदरखाने से बड़ी खबर आ रही है कि हाईकमान ने पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला को फ्री हैंड दे दिया है। इस फैसले के बाद मेयर की रेस में उनके भतीजे अनिल कल्ला की ताजपोशी की उम्मीदें सबसे मजबूत हो गई हैं।
रायशुमारी की बात, लेकिन सोशल मीडिया ने खोला राज
हालांकि खुद डॉ. कल्ला मीडिया में रायशुमारी की बात कह रहे हैं, लेकिन पार्टी नेताओं की सोशल मीडिया पर चल रही प्रतिक्रियाओं से साफ हो रहा है कि मेयर के चुनाव में कल्ला की पसंद-नापसंद ही चलेगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कल्ला के विरोधी माने जाने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के कई नेता भी अब खुलकर कल्ला के पक्ष में खड़े हो गए हैं। लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करके वे कल्ला के प्रति अपना समर्थन दिखा रहे हैं।
उनका तर्क साफ है- पिछले विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस के पास फिर से उठने का मौका मिला है। ऐसे में भाजपा को पटखनी देने के लिए एकजुट होकर मेयर का चुनाव करना जरूरी है।
सेंधमारी के डर से कांग्रेस नहीं लेना चाहती रिस्क
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की ओर से कांग्रेस के पार्षदों में सेंधमारी की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेता कल्ला को नाराज करके पार्टी कोई रिस्क लेना नहीं चाहती। कल्ला को फ्री हैंड देने से ही कांग्रेस रणनीतिक तौर पर अपना मेयर बचा पाएगी।
मेयर की रेस में कौन-कौन?
वैसे मेयर पद के लिए अनिल कल्ला, जावेद पडिहार, मकसूद अहमद, धर्मवीर नाहटा, नवरतन डागा, दिलीप बांठिया, अश्विनी मिड्ढा, मनोज बिश्नोई जैसे नाम चर्चा में हैं, लेकिन, अब बाजी कल्ला खेमे के हाथ में जाती दिख रही है।
भाजपा की नजर कांग्रेस के मेयर चेहरे पर
उधर भाजपा भी कांग्रेस के संभावित मेयर के नाम को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बना रही है। भाजपा खेमे से सुरेंद्र सिंह शेखावत और भगवान सिंह मेड़तिया के नाम पर जोर आजमाइश की खबरें आ रही हैं। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई नाम नहीं दिया है, लेकिन कांग्रेस खेमे में खलबली मचाने के लिए भाजपा अपने पैंतरे आजमा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस एक नाम पर मुहर लगाकर अपने 42 पार्षदों को कैसे बांधे रखती है और भाजपा इसमें क्या गुंजाइश निकाल पाती है।



















