Tuesday, June 23, 2026
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सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई के विरोध में उतरे पूर्व सीएम गहलोत, गृह मंत्री से मांगा जवाब

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जयपुर Abhayindia.com राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर हमला बोल दिया है। गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुन-चुनकर अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। कुछ गांवों में हिंदू समुदाय भी संबंधित इन धार्मिक स्थलों में आस्था रखते हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस संबंध में जवाब देने की मांग की।

पूर्व सीएम गहलोत ने जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में राज्य सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही राज्य के विभिन्न मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। गहलोत ने कहा कि कोटा में प्रसूता महिलाओं की मौत और गंभीर संक्रमण बेहद चिंताजनक है। महिलाएं सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल जाती हैं, लेकिन यदि वहां संक्रमण व मौत हो जाए या किडनी फेल जैसी स्थिति हो जाए तो यह अत्यंत गंभीर है।

उन्‍होंने कहा कि बीकानेर और अब जोधपुर से भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। जिससे‌ जनता में भय है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कोटा की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे? संक्रमण, ऑपरेशन थिएटर की गड़बड़ी या दवाइयों में कोई समस्या थी, इसकी जानकारी जनता को दी जानी चाहिए। बिना जांच पूरी हुए यह कहना कि जोधपुर की घटना कोटा जैसी नहीं है, उचित नहीं है। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने एम्स और अन्य विशेषज्ञ को जांच के लिए बुलाया है, यह स्वागत योग्य कदम है, लेकिन कोटा की घटना का कारण डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार स्पष्ट नहीं कर पाई है। स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी और आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस आंदोलन करेगी।

पूर्व सीएम गहलोत ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बयानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयान लगातार विवादों में रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना गरीब और अमीर सभी के लिए थी। राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां लगभग 90 प्रतिशत जनता इस योजना से जुड़ी थी।आयुष्मान भारत योजना सीमित दायरे वाली योजना है। जो सभी नागरिकों के लिए नहीं है। गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति कमजोर हो चुकी है। विभिन्न विभागों के भुगतान रुके हुए हैं, दो-दो करोड़ रुपए के चेक जारी नहीं हो रहे हैं। पेंशनधारकों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। यदि सरकार भुगतान करने में असमर्थ है तो जनता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर गहलोत ने कहा कि पहले इसका मसौदा सामने आने दिया जाए। फिर चर्चा की जाएगी।

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