








जयपुर Abhayindia.com चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के प्रकरण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रकरण के हर पहलू की गहन जांच की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि सभी अस्पतालों में उपचार के प्रोटोकॉल एवं एसओपी की शत-प्रतिशत पालना हो।
खींवसर ने कोटा दौरे से लौटीं प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन, औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. धनंजय अग्रवाल, कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नीलेश जैन, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. डॉ. दीपिका मित्तल सहित अन्य अधिकारियों के साथ प्रकरण के सभी पक्षों पर विस्तृत चर्चा की।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पूरी जांच-पड़ताल कर घटना के कारणों तक पहुंचना अत्यंत जरूरी है। दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थियेटर या उपकरणों से संक्रमण और उपचार में लापरवाही सहित अन्य सभी पहलुओं पर उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि घटना के निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके और कार्रवाई सहित अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकें।
चिकित्सा मंत्री ने निर्देश किए दवाओं, उपकरणों सहित अन्य नमूनों की जांच रिपोर्ट जल्द प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेशभर में ऐसे सभी अस्पताल जहां रोगीभार अधिक रहता है एवं अधिक प्रसव होते हैं, वहां भी विशेष एहतियात बरतते हुए चिकित्सा प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।
खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर है और हर जरूरी कदम उठा रही है। प्रकरण संज्ञान में आते ही राज्य सरकार ने पूरी गंभीरता एवं तत्परता दिखाते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें कोटा भेजीं। इन टीमों ने प्रसूताओं को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने में पूरा सहयोग किया और मामले में विभिन्न पहलुओं पर जांच भी की। प्रथम दृष्टया इलाज एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही को देखते हुए तीन चिकित्सकों एवं चार नर्सिंगकर्मियों को निलंबित किया गया है। साथ ही, यूटीबी पर कार्यरत एक चिकित्सक को बर्खास्त किया गया। साथ ही, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके अनुसार और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
चिकित्सा मंत्री गुरूवार को स्वयं कोटा जाकर प्रकरण की मौके पर समीक्षा करेंगे। वे दोपहर को कोटा पहुंचकर न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा जेके लोन अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेंगे और वहां भर्ती प्रसूताओं एवं उनके परिजनों से मिलेंगे। इसके बाद उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों के साथ प्रकरण को लेकर चर्चा करेंगे।


