Wednesday, May 13, 2026
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बीजेपी ने दीदी के अभेद्य दुर्ग में लगाई सेंध, अब कौन बनेगा बंगाल का नया सीएम, ये तीन चेहरे उभरे…

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नई दिल्‍ली Abhayindia.com पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों और उसके बाद आ रहे नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। भाजपा ने यहां दीदी के अभेद्य माने जाने वाले दुर्ग में सेंध लगा दी है। भाजपा बहुमत के जादुई आंकड़े को पार करती दिख रही है। इस बड़ी जीत के पीछे ऐसे कई चेहरे हैं, जिन्होंने बंगाल की राजनीतिक जमीन पर कमल खिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं। उन्होंने बंगाल में केवल रैलियां ही नहीं कीं, बल्कि लोगों के दिलों तक पहुंचने के लिए सांस्कृतिक और भावनात्मक कार्ड भी खेला। पीएम ने हुगली नदी में बोटिंग की और आम बंगाली की तरह झालमुड़ी खाए।

चुनाव के दौरान मोदी ने टीएमसी के बाहरी बनाम भीतरी वाले नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कोलकाता के थंथानिया कालीबाड़ी से लेकर बेलूर मठ तक मत्था टेककर मोदी ने बंगाली अस्मिता और आस्था को विकास के एजेंडे से जोड़ दिया। उनकी 21 रैलियों ने कार्यकर्ताओं में वह जान फूंकी, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।

चुनाव की तारीखों के एलान से बहुत पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल के मोर्चे पर मोर्चा संभाल लिया था। शाह ने राज्य में परिवर्तन यात्रा के जरिए भ्रष्टाचार और घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने चुनावी वॉर रूम की कमान खुद संभाली और एक-एक सीट का माइक्रो मैनेजमेंट किया। अमित शाह का फोकस उन इलाकों पर था जहां टीएमसी मजबूत थी। उनकी रणनीति ने ममता बनर्जी के मजबूत कैडरों को हिलाकर रख दिया और एंटी इनकंबेंसी की लहर को वोट में तब्दील कर दिया।

भाजपा की बढ़त के साथ ही नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी इस दौड़ में सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वे नंदीग्राम और भाबनीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी टीएमसी के पबित्रा कर पर 3,100 से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि भाबनीपुर में शुरुआती घंटों में वे ममता बनर्जी से पीछे चल रहे थे, लेकिन मतगणना के तीन दौर के बाद ममता बनर्जी 898 वोटों से आगे निकल गई हैं। दूसरे प्रमुख दावेदार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का नाम लिया जा रहा है। आरएसएस से गहरे संबंध रखने वाले भट्टाचार्य को विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। 2024 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने राज्य में भाजपा संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।  दिलीप घोष भी मजबूत दावेदार हैं। पूर्व राज्य अध्यक्ष घोष को जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का भरपूर समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ परमानिक, आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्र पॉल और पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली भी संभावित चेहरों में शामिल हैं।
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