एसपी के तबादले पर अड़े वकील, बार अध्यक्ष का तीखा बयान

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कचहरी परिसर में धरने पर बैठे वकील। फोटो : राजेश छंगाणी
कचहरी परिसर में धरने पर बैठे वकील। फोटो : राजेश छंगाणी

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। भारत बंद के दौरान कचहरी परिसर में की गई तोडफ़ोड़ और मारपीट के दोषियों को गिरफ्तार करने तथा जिला पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा के तबादले की मांग को लेकर बीकानेर के वकील अब भी अड़े हुए हैं। दो अप्रेल से लगातार कार्य बहिष्कार के बाद वकीलों ने कचहरी परिसर में धरना भी शुरू कर दिया है। धरना छह अप्रेल को भी जारी रहा। धरने पर बैठै वकीलों ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।

इस बीच बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतनाथ योगी ने कहा है कि जब तक कचहरी परिसर में तोडफ़ोड़ व मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस अधीक्षक का तबादला नहीं हो जाता तब तक वकील धरना जारी रखेंगे। योगी ने बताया कि आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर शनिवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे बार रुम में बैठक भी बुलाई गई है। बार अध्यक्ष योगी ने बातचीत में बताया कि दो अप्रेल को भारत बंद के दौरान असामाजिक तत्वों ने कचहरी परिसर में घुसकर तोडफ़ोड़ की तथा वकीलों पर प्राणघातक हमले किए। इस मामले को लेकर जब हम जिला पुलिस अधीक्षक से मिलने गए तो उन्होंने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करते हुए हमें कहा कि आप उनके सामने ही क्यों गए? उनके इस व्यवहार से हम बहुत दुख हुआ है। असल में, सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं होने से ही असामाजिक तत्व कचहरी परिसर में घुसे थे, उन्हें रोकने का काम प्रशासन का था। जबकि पुलिस अधीक्षक हमें ही नसीहत देने लगे। उनके इस गैर जिम्मेदाराना व्यवहार को लेकर ही हम उनके तबादले की मांग कर रहे हैं। जब तक उनका तबादला नहीं होगा, हम आंदोलन जारी रखेंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल (प्रशासन) आर. पी. सोनी ने बीकानेर की घटना को लेकर विधि विभाग के प्रमुख शासन सचिव को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। सोनी ने पत्र में लिखा है कि भारत बंद के दौरान उपद्रवियों के कचहरी परिसर में घुसकर तोडफ़ोड़ करने और वकीलों के साथ मारपीट करने की घटना पर बीकानेर पुलिस आईजी, एसपी और जिला कलेक्टर को जिला एवं सेशन जज की ओर से सूचना देने के बावजूद तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की गई।