





बीकानेर abhayindia.com निष्पक्ष और निडरता के साथ राजस्थान की पत्रकारिता में अलग पहचान रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार पुरोहित (KK Purohit) का शनिवार सुबह बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में निधन हो गया। एक दिन पहले ही उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुरोहित अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
पुरोहित की शव यात्रा उनके बीकानेर के आचार्यो के चौक स्थित पैतृक निवास से रवाना होकर चौखूंटी स्थित मोक्ष धाम पहुंची। मुखाग्नि उनके पुत्र पत्रकार अमित पुरोहित ने दी। पुरोहित की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राजनेता, पत्रकार, साहित्यकार एवं प्रबुदधजन शामिल हुए।
पुरोहित ने प्रारम्भिक शिक्षा बीकानेर में ली। इसके बाद जयपुर चले गए जहां मूर्धन्य पत्रकार व कला समीक्षक श्रीगोपाल पुरोहित से पत्रकारिता के गुर लिए व बाद में इस क्षेत्र में पीछे मुड़कर नही देखा। पुरोहित ने उस दौर की प्रमुख समाचार एजेंसी हिंदुस्तान समाचार में बरसों पत्रकार के रूप में कार्य किया। आपातकाल के दौर में उनकी रिपोर्टिंग ने राजस्थान की राजनीति की गवाह बनी। उन्होंने टाइम्स ऑफ़ इंडिया समूह के नवभारत टाइम्स में भी बीकानेर ब्यूरो चीफ व जयपुर में डेस्क इन्चार्ज का दायित्व बखूबी निभाया।
नवभारत टाइम्स के बीकानेर स्थित ब्यूरो चीफ कार्यालय में केके पुरोहित से पत्रकारिता के गुर सीखने वाले ज्योतिमित्र आचार्य बताते हैं कि नब्बे के दौर में नवभारत टाइम्स के ब्यूरो चीफ बनकर बीकानेर आए पुरोहित ने बीकानेर की पत्रकारिता में एक नए युग की शुरुआत की। पुरोहित ने राजस्थान पत्रिका में कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हुए। तेवर वाली पत्रकारिता के साथ-साथ वे एक कविमन भी थे। जोधपुर से प्रकाशित राजस्थानी की साहित्यिक पत्रिका माणक के वे बरसों तक कार्यकारी संपादक रहे। सेवानिवृत्त होने के बाद से वे स्वतन्त्र रूप से विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में नियमित रूप से लिख रहे थे।
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