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बिनानी कन्या महाविद्यालय में मनाया गया एकता दिवस, लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल के कई किस्से सुनाए

बीकानेर Abhayindia.com बिनानी कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों के तत्वावधान में आज प्रांगण में एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्या सहित सभी स्वयं सेविकाऐं, व्याख्याता एवं कर्मचारियों उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में भारत में एकता अखण्डता के प्रतीक लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल के विभिन्न प्रयासों के कई किस्से इतिहास विभाग की छात्राओं के द्वारा बताये गये। लौह पुरूष पटेल के गृहमंत्री के रूप में किये गये कार्यों पर राजनीति विज्ञान के व्याख्याता नरेन्द्र शर्मा द्वारा प्रकाष डाला गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अरूणा आचार्य ने बताया कि देश जब आजाद हुआ उस समय देश अलग-अलग भाषा, क्षेत्र, धर्म के आधार पर बिखरा हुआ था उसे एक सूत्र में बांधने के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल ने महत्वपूर्ण जिम्मेवारी निभाई।

रासेयो प्रभारी डॉ. राम कुमार व्यास ने उनकी दूरदर्षिता पर प्रकाष डालते हुए बताया कि देशी रियासतों के राजाओं से मिलकर सरदार पटेल ने उन्हें एक साथ लाने में अपनी जिम्मेवारी निभाई साथ ही राजाओं को उनके व देश के विकास के लिए विभिन्न शर्तों के साथ गठबंधन करवाया।

रासेयो प्रभारी डॉ. सीमा बिस्सा ने अपने उद्घोषणा में बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देष में हालात अत्यन्त विषम थे उन विषम हालातों में देष का एकीकरण करना कठिन कार्य था जिसे देश के लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल ने अपनी अनूठी प्रतिभा से सम्पन्न किया जिसके कारण ही उन्हें लौह पुरूष की उपाधि से नवाजा गया।

रासेयो प्रभारी डॉ. ऋचा जोशी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाष डालते हुए कहा कि उनकी अदम्य इच्छाषक्ति और दृढ़ संकल्प के कारण ही देश की देशी रियासतें आपस में एकीकृत हो सकी। इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं ने भी सरदार पटेल के जीवन, विचारों एवं राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी व्याख्याता गजानन्द व्यास ने किया।

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