






जयपुर abhayindia.com प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही ‘खटास‘ अभी तक मिठास में तब्दील नहीं हो पाई है। इस बीच पायलट का एक और ताज़ा बयान सामने आ गया है। उन्होंने सीएम गहलोत की कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए है। उनके ये तेवर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
आपको बता दें कि पहलू खां मामले के अनुसंधान में लापरवाही की जांच के लिए सीएम गहलोत ने छह दिन पहले ही एसआईटी का गठन किया है। इस पर उप मुख्यमंत्री पायलट ने सवाल खड़े करते हुए पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि एसआईटी का गठन तो आठ माह पहले ही कर दिया जाना चाहिए था। अगर एसआइटी पहले ही बन जाती तो निचली अदालत का फैसला कुछ और ही होता।

पायलट ने इससे पहले झिवाना गांव में कथित मॉब लिंचिंग मामले में जान गंवाने वाले हरीश जाटव के परिजनों से मुलाकात की। पायलट ने उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने के साथ ही पुलिस अधीक्षक से पुन: जांच कराने का आश्वासन दिया।

ध्यान में रहे गहलोत-पायलट के बीच की खींचतान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में राजीव गांधी की 75वीं जयंती के मौके पर भी दिखी थी। दोनों ने इशारों-इशारों में एक दूसरे पर निशाना साधा था। इसके बाद ये मीडिया की सुर्खियां बन गई थी।





