












जयपुर Abhayindia.com उप मुख्यमंत्री व महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों पर 1500 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और 3 हजार 552 सहायिकाओं के पद रिक्त है। उन्होंने सदन को बताया कि जिला स्तर पर उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विज्ञप्ति जारी कर इन रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक गोविन्द प्रसाद द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थी। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में जमा किये जाते है। प्राप्त आवेदन पत्रों में संलग्न दस्तावेजों की मार्किंग कर आंगनबाड़ी केन्द्रवार वरीयतानुसार सूची जारी की जाती है। उन्होंने बताया कि वरीयता सूची का अनुमोदन ग्रामीण क्षेत्र में सम्बंधित ग्राम पंचायत की ग्राम सभा और शहरी क्षेत्र में उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति के माध्यम से किया जाता है। अनुमोदन के बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा चयन आदेश जारी किये जाते है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा बजट 2024—25 में घोषित की गयी आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्य किये जा चुके है तथा गत 50 वर्षों में पहली बार बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत एवं विकास के ऐतिहासिक कार्य किये गए है।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि मनोहरथाना विधान सभा क्षेत्र में कुल 412 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं तथा इन केन्द्रों पर कुल 801 मानदेय कार्मिक कार्यरत हैं। जिनमें से 409 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 392 सहायिकाएं हैं। इन 412 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 271 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वयं के भवनों में, 30 किराये के भवनों में, 77 विद्यालयों में, 30 अन्य राजकीय भवनों में एवं 4 निजी निः शुल्क भवनों में संचालित हैं। मनोहरथाना विधानसभा क्षेत्र में संचालित 165 आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन जर्जर होने के कारण इन्हें दूसरे सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर संचालित किया जा रहा है।




