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राजस्‍थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं घटाने पर केन्‍द्रीय मंत्री ने कसा तंज- यह आलाकमान को मंजूर नहीं…

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जोधपुर Abhayindia.com केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर वैट नहीं घटाने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राजस्थान और पंजाब में पेट्रोल व डीजल के दाम इसलिए नहीं घटे, क्योंकि कांग्रेस आलाकमान को यह मंजूर नहीं। शेखावत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को राहुल गांधी का अघोषित आदेश है कि किसी सूरत में वैट कम नहीं होना चाहिए। बाहर इनके मुख्यमंत्री कैसी भी सफाई दें, केंद्र पर आरोप मढ़ें, अंदरखाने की खबर सबको है। शेखावत ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में महंगाई से फायदा देख रही है, दुहाई देकर उसे वोट जुटाने हैं। यह जनता को लूटकर उसकी ही तरफदारी करने का पाखंड है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने सहृदयतापूर्वक निर्णय करते हुए जनता को बहुत बड़ी राहत टैक्स में कटौती के माध्यम से दी है। शेखावत ने कहा कि मैं उन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी अभिवादन करना चाहता हूं, जिन्होंने इस कटौती के अनुक्रम में अपने राज्यों में वैट को घटाया है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस दुर्भाग्यपूर्ण बयान की निंदा करता हूं, जिसमें उन्होंने राजस्थान की जनता को अन्य राज्यों की तरह और राहत देने से इन्कार किया है। राज्य के लोग इस निर्णय को लेकर मुख्यमंत्री की आलोचना करते हैं। शेखावत ने कहा कि जल संसाधनों के पुनर्भरण को लेकर प्राथमिक रूप से राज्य सरकारों को काम करना होता है। राज्य सरकार इसकी एक योजना बनाकर भारत सरकार को भेजेगी तो निश्चित रूप से उस पर कार्यवाही करेंगे।

पट्टे को लेकर बड़ी खबर, जोनल डवलपमेंट प्‍लान अंतिम चरण में, नवम्‍बर के दूसरे सप्‍ताह में…

जयपुर। प्रदेश में प्रशासन शहरों के संग अभियान में इस बार जनभागीदारी बढ़ नहीं पाई है। खासतौर से लोगों की पट्टा लेने की हसरत पूरी नहीं हो रही। बिना जोनल डवलपमेंट प्लान के पट्टा जारी करने पर हाई कोर्ट की रोक के कारण प्रदेश के ज्यादातर निकायों में पट्टा देने का काम न के बराबर चल रहा है। अब यह उम्‍मीद जताई जा रही है कि इस माह के दूसरे पखवाड़े में जोनल डवलपमेंट प्‍लान बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। संभवत: 15 नवम्‍बर तक सभी शहरों में इन्‍हें नोटिफाई कर दिया जाएगा। इसके बाद पट्टे देने को लेकर हाई कोर्ट के आदेश की बाध्यता खत्म हो जाएगी।

ऐसे बनता है जोनल डवलपमेंट प्लान

जोनल डवलपमेंट प्‍लान बनाने के लिए शहर को 5 से 6 जोन में बांटा जाता है। इसके साथ ही प्रत्‍येक जोन की डवपलमेंट योजना बनाई जाती है। इसमें आवास के अलावा सार्वजनिक भवन, सड़क, जन सुविधा केन्‍द्र, पार्क, व्‍यवसाय, मनोरंजन केन्‍द्र तथा स्‍कूल आदि के लिए जगह चिन्हित करते हैं। इसके अलावा बिजली, पानी, अंदरुनी सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी प्लानिंग भी इसी का हिस्सा है।

आपको बता दें कि जोनल प्‍लान बनने के बाद प्रशासन शहरों के संग अभियान में जनभागीदारी बढ सकती है। यह अभियान दो अक्‍टूबर को शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक इसे लेकर केवल खानापूर्ति ही हुई है।

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