सौभाग्य कल्पवृक्ष के तपस्वियों की शोभायात्रा निकलेगी, जैन समाज का सामूहिक मेला 7 को

बीकानेर Abhayindia.com जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की साध्वीश्री मृगावतीश्रीजी मसा, साध्वीश्री सुरप्रियाश्री व नित्योदायाश्रीजी म.सा.के सान्निध्य में शुक्रवार को सुबह दस बजे रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे से नाहटा चौक के भगवान आदिनाथ मंदिर तक भगवान पार्श्वनाथ मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष में सौभाग्य कल्पवृृक्ष तपस्वियों की शोभायात्रा (वरघोड़ा) निकलेगी। भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में उनके निर्वाण दिवस पर लड््डू चढाया जाएगा।

सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा ने बताया कि 30 दिवसीय सौभाग्य कल्पवृक्ष तप 15 जुलाई को शुरू हुआ था, इसमें श्रावक-श्राविका एक दिन उपवास रखते है तथा दूसरे दिन उपवास का पारणा करते है। शोभायात्रा में कल्पवृक्ष तपस्वी लेकर चलेगी।

संस्कारिक बने तथा आशीर्वाद लें

सुगनजी महाराज के उपासरे में साध्वीश्री मृगावती म.सा. ने गुरुवार को प्रवचन में कहा कि संस्कारी बने तथा अपने से बड़ों का आशीर्वाद लें। उन्होंने आशीर्वाद शब्द के एक-एक अक्षर की व्याख्या करते हुए कहा ’आ’’ से आयु की, ’वा’’ से वंश की, शी’’ से लक्ष्मी की, ’’र’’ से रोजगार की वृद्धि होती है तथा ’’द’’ से आंतरिक काम,क्रोध, लोभ, मान माया व बाहरी शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। आशीर्वाद प्राप्त करने वाला दीर्धायु होता है तथा अनेक कश्टों से मुक्त होता है।

उन्‍होंने कहा कि आधुनिक व भौतिकवादी सोच वाले लोग, घर परिवार में ’’हम दो-हमारे दो’’ के सिद्धान्त से परिवारिक प्रेम, सम्मान, सौहार्द, स्नेह व आत्मीयता समाप्त हो रही है। हम दो हमारे दो में पति, पत्नी, व बच्चों को ही तवजों दी जाती है परिवार के दादा-दादी, चाचा-चाची, भुआ आदि के रिश्तों को दरकिनार किया जाता हैं। आपसी सहकार, सत्कार, संस्कार, सत्कार व स्नेह आदि शब्द कई परिवारों में शब्द कोश तक ही सीमित हो रहे हैं। यह बहुत चिंतनीय विषय है, इससे आने वाले कल में अनेक समस्याएं सामने आएंगी। समस्या से बचने के लिए स्वयं हम सहकार, सत्कार, संस्कार व स्नेह आदि पर चले तथा आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करें।

जैन समाज का शिवबाड़ी का मेला 7 को

शिवबाड़ी में जैन समाज का सामूहिक मेला 7 अगस्त को भरेगा। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की साध्वीश्री मृगावतीश्रीजी, सुरप्रियाश्रीजी व नित्योदयाश्रीजी 7 अगस्त को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे से सुबह साढ़े पांच बजे पैदल विहार कर शिवबाड़ी पहुंचेगी। शिवबाड़ी के भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में सुबह आठ बजे शांति स्नात्र पूजा, दोपहर एक बजे बड़ी पूजा व चैन्नई के श्रेणिक भाई के भक्ति गीतों की प्रस्तुति, शाम चार बजे भगवान की पालकी की शोभायात्रा निकलेगी। पार्श्वनाथ जैन मंदिर से रवाना होकर शोभायात्रा तालाब तक जाएगी तथा लालेश्वर महादेव मंदिर होते हुए वापिस जैन मंदिर पहुंचेगी। लालेश्वर मंदिर के अधिश्ठाता स्वामी विमर्शानंद गिरि की ओर से भगवान पार्श्वनाथ के नारियल चढ़ाकर वंदना की जाएगी। शिवबाड़ी के लालेश्वर महादेव मंदिर में बेसकीमती आभूशणों का श्रृंगार किया जाएगा। इसी दिन शाम को महावीर भवन में ’’एक शाम दादा गुरुदेव के नाम’ भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा जिसमें श्रेणिक भाई विभिन्न रागों में दादा गुरु के भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। –रिपोर्ट : शिवकुमार सोनी