








बीकानेर Abhayindia.com आयकर एवं जीएसटी पोर्टल की तकनीकी समस्याओं से कर सलाहकारों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स गहन पीड़ा से गुजर रहे हैं। उन्होंने आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि में वृद्धि करने की मांग उठाई है। सीए सुधेश शर्मा ने वित्त मंत्री को पत्र भेजकर देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स एवं अधिवक्ता समुदाय, आपके समक्ष अपनी गहन पीड़ा व्यक्त की है।
उन्होंने लिखा है कि 15 सितम्बर को आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि निर्धारित थी। लेकिन, उस दिन आयकर पोर्टल तकनीकी रूप से लगातार विफल रहा। लॉगिन, डेटा सेविंग और अपलोडिंग जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी ठीक से कार्य नहीं कर पाईं। मंत्रालय की ओर से कोई प्रभावी तकनीकी सहायता भी उपलब्ध नहीं थी। सरकार ने केवल एक दिन की एक्सटेंशन दी, परंतु उस दिन भी पोर्टल का संचालन असफल ही रहा। इसके बावजूद टैक्स प्रोफेशनल्स ने दिन-रात मेहनत कर कार्य पूरा किया। अब 30 सितम्बर को ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने की अंतिम तिथि रखी गई है। इतने कम समय में, जब पोर्टल सुचारु रूप से कार्य ही नहीं करता, इस कार्य को पूरा करना वस्तुतः असंभव है। इसके अतिरिक्त जीएसटी में आए लगातार बदलाव ने व्यापारियों को भ्रमित कर दिया है। व्यापारी वर्ग दिन-रात अपने कर सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से संपर्क कर रहा है। सरकार की नीतिगत एवं तकनीकी समस्याओं का पूरा बोझ अब पेशेवरों के कंधों पर डाल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस स्थिति से पूरे देश का वित्तीय जगत, टैक्स प्रोफेशनल्स और व्यापारी वर्ग अत्यधिक मानसिक दबाव और तनाव में है। अनेक उच्च न्यायालयों में याचिकाएँ डाली जा चुकी हैं, सभी पेशेवर संगठन तिथि विस्तार की माँग कर रहे हैं। यह केवल किसी वर्ग की माँग नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक कदम है।
ये की जा रही मांगे…
• ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि को यथोचित अवधि तक बढ़ाया जाए।
• पोर्टल की तकनीकी खामियों को तत्काल प्राथमिकता के साथ दूर किया जाए।
• कर सलाहकारों, सीए और व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।


