








बीकानेर Abhayindia.com कोविड-19 में लॉकडाउन के दौरान ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों के सामने संकट खड़ा हो गया था। परिवहन ठप होने से इस क्षेत्र से जुड़े कामगारों के लिए रोजी-रोटी का जुगाड़ करना भी दुभर हो गया था।
इसके चलते असंगठित ऑटो श्रमिक, कार, जीप, टैक्सी, ट्रक, बस चालक सहित ट्रांसपोर्ट से जुड़े कार्मिकों के लिए वाहनों की किस्तें भरना मुश्किल हो रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय परिवहन कर्मचारी फैडरेशन ऐसे श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करने और चार माह की किस्तें माफ करने की मांग को लेकर आज अतिरिक्त कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
इसके जरिए निजीकरण सहित 15 सूत्री मांगे रखी गई। प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष हेमंत किराड़ू, अब्दुल गफूर, जाकिर पडि़हार, एलके बान्ना आदि शामिल थे।


