





बीकानेर Abhayindia.com उत्तर पश्चिमी रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता से बीते साल में बेवजह चेन पुलिंग करने के मामलों में काफी हद तक अंकुश लगा। सुरक्षा बल ने यात्रियों की रेल यात्रा के साथ-साथ आमजन को जागरूक करने का कार्य बखूबी निभाया। खासकर कोविड को लेकर जागरूकता सरीखे अभियान रेलवे ने चलाए।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क ले.शशि किरण के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने पटरियों पर पशुओं, आम लोगों को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए समय-समय पर अभियान के रूप में काम किया। इसके चलते ऐसी दुर्घटनाओं में कमी आई है। इसी प्रकार अनावश्यक चेन पुलिंग की घटनाओं में कमी आई है।
रेलवे सुरक्षा बल की ओर से कोविड के दौरान अपनी ड्यूटी को निभाते हुए कुल 2573 रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ के साथ 781 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों एवं कुल 10862 रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ के साथ 3066 स्पेशल ट्रेन की एस्कार्टिंग की गई। साथ ही किसी प्रकार की अनापेक्षित घटना न हो, उसके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए स्टेशन प्लेटफार्म बंदोबस्त में 6010 स्टाफ को तैनात किया गया। खाली स्टेबल रेकों की सुरक्षा में 13872 रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ को तैनात किया गया।
इतने जन जागरण कार्यक्रम…
रेलवे सुरक्षा बल ने कैटल रन ओवर एवं ह्युमन रन ओवर को रोकने के लिए कुल 1664 जन जागरण अभियान संचालित किए गए। समझाए जानें के बाद लोगो में सुधार नही हुआ, तो ऐसे 133 लोगों को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की की गई।
उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में आपात चेन खींचने की कुल 567 घटनाएं घटित हुई है। अलार्म चेन पुलिंग की घटनाओं में गत वर्ष की तुलना मे 69.69 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।





