Sunday, December 14, 2025
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राजस्थान विधियां (संशोधन) विधेयक पारित, विकास प्राधिकरणों और नगर सुधार न्यास के कार्मिकों के लिए बनेंगे समान सेवा नियम

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जयपुर Abhayindia.com नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम निर्णय के बाद ही राजस्थान विधियां (संशोधन) विधेयक लाया गया है। इसमें किसी प्रकार के अनुचित प्रावधान नहीं रखे हैं, जिससे किसी भी प्राधिकरण की शक्तियां कम नहीं होंगी और ना ही किसी का अहित होगा।

खर्रा सोमवार को विधान सभा में राजस्थान विधियां (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के बाद जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित विभिन्न नगर सुधार न्यासों व विकास प्राधिकरणों में कार्यरत कार्मिकों के सेवा सम्बंधित प्रावधान अलग-अलग होने से कार्मिकों पर राज्य सरकार का प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है। वर्तमान में नगर सुधार न्यासों द्वारा ही कार्मिकों की सेवा शर्तें, सेवा संवर्ग आदि का निर्धारण किया जाता है।

संशोधन के बाद अब राज्य सरकार सभी न्यासों व प्राधिकरणों के लिए एक समान सेवा-शर्तें व संवर्ग संख्या आदि का निर्धारण कर सकेगी। सरकार द्वारा ही कार्मिकों के लिए एक समान सेवा शर्तें, स्थानातंरण और अनुशासनात्मक कार्यवाही से सम्बंधित नियम बनाए जा सकेंगे।

नगरीय विकास राज्य मंत्री ने कहा कि विधि निदेशक के पद पर जिला न्यायाधीश या संयुक्त विधि परामर्शी के समकक्ष या उच्च पद के व्यक्ति का पदस्थापन हो सकता है। अब सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप इस विधेयक के माध्यम से जिला न्यायाधीश शब्द का प्रावधान हटाया जा रहा है। इसके अनुसार निदेशक विधि के पद पर संशोधन उपरांत राजस्थान विधि सेवा के अधिकारी ही नियुक्त हो सकेंगे।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में सरकार में विधि सचिव पद पर न्यायिक सेवा के अधिकारी को तो उचित माना है, लेकिन प्राधिकरण में न्यायिक सेवा के पद का पदस्थापन अनुचित माना है। ये संशोधन इन्हीं निर्णयों के अनुरूप हैं।

नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि देश में पहली बार वर्ष 1977 में हमारी सरकार ने ही गरीबों को पक्की छत देने की योजना को धरातल पर उतारा। इसके स्वरूप को बदलते और राशि बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई। राज्य में मुख्यमंत्री आवास योजना भी हमारी सरकार ही लेकर आई थीं।

नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सम्मिलित बूंदी के गांवों में भी विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही, एयरपोर्ट बनने से चहुमुंखी विकास होगा। इसका फायदा कोटा और बूंदी दोनों ही जिलों को मिलेगा। चर्चा के बाद सदन ने राजस्थान विधियां (संशोधन) विधेयक, 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

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