








बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। आपको बता दें कि नोखा के मुकाम धाम में गत 19 दिसंबर को हुई विशाल महापंचायत में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई थी। साधु संतों के सान्निध्य में हुई रणनीतिक महापंचायत में 2 फरवरी 2025 को बीकानेर जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू करने का निर्णय हुआ। इसके बाद विधानसभा सत्र शुरू होने पर जयपुर में विधानसभा घेराव करने की रणनीति बनाई गई। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा भी इस आंदोलन का समर्थन कर रही है।
आपको बता दें कि आंदोलन बीकानेर और छतरगढ़ में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सोलर प्लांट और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए अंधाधुंध कटाई हो रही है। आंदोलनकारियों की मांग है कि सरकार खेजड़ी के पेड़ों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए, क्योंकि ये पेड़ न सिर्फ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी और संस्कृति का भी हिस्सा हैं। पिछले दिनों बीकानेर में हुए प्रदर्शन में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी, जिससे यह मुद्दा और गरमा गया है।
बिश्नोई समाज की तीर्थस्थली मुकाम में तीन दिन पहले हुई महापंचायत में खेजड़ी को बचाने के लिए पूरे प्रदेशभर से बिश्नोई समाज के लोग जुटे। महापंचायत में खेजड़ी सहित सभी हरे वृक्षों व पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया। महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक हरे पेड़ों व खेजड़ी के संरक्षण के लिए कठोर कानून नहीं बनेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मुकाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद की ओर से आंदोलन के प्रथम चरण की घोषणा करते हुए बताया गया कि 2 फरवरी 2026 से बीकानेर जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा। फिर विधानसभा सत्र शुरू होने पर जयपुर में विधानसभा घेराव किया जाएगा।


