






बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर के धर्म सागर पञ्चाङ्ग कार्यालय में जन सुविधा के लिए पंचांगकर्त्ता पं. अशोक कुमार ओझा की अध्यक्षता में मुहूर्तो आदि में समय शुद्धि के विषय को लेकर चर्चा हुई। इस अवसर पर पं. अशोक ओझा ने बताया कि गुरु-शुक्र अस्त में विवाह आदि शुभ कार्य परिहार वचनों के आधार पर आवश्यक परिस्थितियों में किये जा सकते है क्योंकि आज के समय में कन्या की अवस्था 12 वर्ष से अधिक होने व अन्य शुद्धि न बनने के कारण एवं गुरु व शुक्र दोनों में से किसी एक तारा के उदय रहते विवाहादि मांगलिक कार्य किये जा सकते है।
इस विषय को लेकर सभा में उपस्थित ज्योतिषाचार्य पं. विनोद ओझा ने बताया कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है अस्तु वर्तमान युग में यह प्रसंग युक्ति संगत है। ज्योतिषाचार्य पं. कालीचरण ओझा ने बताया कि धर्मसागर पंचांग के अनुसार विगत कई वर्षों से यह व्यवस्था जन सुविधा के लिए दी जा रही है जो शास्त्र सम्मत है।
इस अवसर पर कोलकाता से आए पंचांग प्रकाशक यागिक सम्राट पं. देवी प्रसाद की उपस्थिति में सभी विद्वानों ने मिलकर माघ मास में विवाह मुहूर्तों की जानकारी सर्व समाज के हित में रखी जिसमें दिनांक 23 जनवरी, 24 जनवरी एवं 28 जनवरी को शुभ लग्न में विवाह कार्य सम्पन्न किये जाना श्रेष्ठ बताया। सभा में पं. उत्तम व्यास पारीक, पं. ललित ओझा, पं. आशीष भादाणी, किशन देराश्री, विजय ओझा, विद्यासागर, विराट सागर, मोहन, योगेश शास्त्री, अर्जुन, यज्ञेश, विमल उपस्थित रहे।


