








बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में रेल फाटकों की समस्या के निदान के लिए कोटगेट और सांखला फाटक पर अंडरपास बनाने की कवायद शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इन फाटकों के आसपास बनी 36 दुकानों-मकानों की भूमि के लिए इनके मालिकों को अधिग्रहण का नोटिस जारी कर दिया है। इस कार्रवाई को 60 दिन के भीतर पूरा किया जाएगा और इस दौरान कोई भी इस जमीन को खरीद या बेच नहीं सकेगा। इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
आपको बता दें कि अंडरपास बनाने के लिए सरकार को दोनों ही जगह जमीन की जरूरत है। ऐसे में इन्हें तोडऩे के अलावा कोई विकल्प सरकार के पास नहीं है। इसी कारण कोटगेट फाटक के पास की 13 दुकानों और सांखला फाटक के पास 23 दुकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। ऐसे में कोटगेट के पास 124.52 वर्ग मीटर और सांखला फाटक के पास 184.21 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इन दुकानों का होगा अधिग्रहण कोटगेट फाटक के पास 13 दुकानें हटेगी।
कोटगेट अंडरपास के लिए नथमल एंड संस, ओमप्रकाश भगवती देवी, दीनमल दीपचंद प्रजापत, जमनादास पन्नालाल महावीर प्रसाद, पेंटर भोज, स्टोर ओम प्रकाश भगवंती देवी, ओसवाल ट्रेडर्स, वाइन शॉप, चांद देवी पत्नी गिरधारीलाल, जयभारत स्टोर राजेश कुमार, मसाला शॉप इंद्रजीत सोलंकी, गेस्ट हाउस चिरंजीलाल श्रीमाली ओर पानी की प्याऊ का हिस्सा अधिग्रहित किया जा रहा है। ये सभी बिल्डिंग पूरी नहीं हटाई जाएगी, बल्कि इसका जरूरत वाला हिस्सा ही हटेगा।
इसी तरह सांखला फाटक के पास 23 दुकानें हटेगी। इनमें काली माई होटल, शॉप सूर्य कश्यप पुत्र रमेश कुमार मेहरा, गुड्डू डिस्पोजल एंड केमिकल्स शाजिद खान, विनीत प्रोविजनल स्टोर ओमप्रकाश गहलोत की 2 दुकान, भाटी प्रोविजन स्टोर पीरुराम भाटी, राजेंद्र अग्रवाल का गेट, राजेंद्र अग्रवाल का ही साइकिल स्टैंड, डेयरी, डिस्पोजल शॉप, विशाल डिस्पोजल भंडार और अग्रवाल भवन, मनीष अग्रवाल के खंडाराम स्टोर और 4 बंद दुकानें, बी.एस. अग्रवाल और रतन रेडियो की दुकानें जद में आ रही है। यहां उर्मिला आसोपा की झंवरजी घी, ओसापा होम्योपैथी और 1 बंद मकान भी हटेगा।
अधिग्रहण की कार्रवाई के बाद दुकानों व मकानों को हटाने का काम शुरू होगा। इस कार्रवाई के पूरा होने के बाद अंडरपास बनने का रास्ता साफ होगा। इस काम में करीब एक साल का वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है। इन्हीं 60 दिनों में मकान व दुकान मालिक अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं। जिन दुकानों-मकानों को हटाया जाएगा, उनके मालिकों को नियमानुसार मुआवजा मिलेगा। इसलिए पूर्व में अधिग्रहण नोटिस जारी किया गया है। 60 दिन के अंदर आपत्ति दर्ज करानी है, इसके बाद दुकान, मकान खाली करना होगा।


