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श्रीगंगानगर Abhayindia.com जल संसाधन विभाग की ओर से बकाया आबियाना जमा नहीं करवाने वाले किसानों की सिंचाई पानी की बारी काटने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अधीक्षण अभियंता द्वारा गंगनहर उत्तर, दक्षिण खंड और रायसिंहनगर के अधिशासी अभियंताओं को उक्त कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
जल संसाधन वृत श्रीगंगानगर के अधीक्षण अभियंता धीरज चावला ने बताया कि पूर्व में गंगनहर उत्तर, दक्षिण खंड और रायसिंहनगर के अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया गया था कि वे अपने अधीनस्थ जल उपयोक्ता संगमों को निर्देशित कर 15 अक्टूबर 2024 के पश्चात जिन काश्तकारों के दो या दो से अधिक फसलो का सिंचाई शुल्क बकाया रहता हैए उनकी सूची प्राप्त कर बारी काटने के आदेश जारी करें।
इसी क्रम में गंगनहर उत्त, दक्षिण खंड और रायसिंहनगर खण्ड के अधिशासी अभियंताओं को पुनः निर्देशित किया गया है कि आज दिनांक तक की गई वसूली की सूचना से अवगत करवाते हुए निर्धारित समय सीमा में अपने अधीनस्थ जल उपयोक्ता संगमो से सूची प्राप्त कर बारी काटने (विवर्जित) करने के आदेश करें। अन्यथा उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हुए नियमों के अन्तर्गत कार्यवाही की जावेगी।
उन्होंने बताया कि गंगनहर उत्तर, दक्षिण खंड और रायसिंहनगर खंड के अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अध्यक्षो द्वारा बकाया आबियाना वाले काश्तकारों की सूची खण्ड कार्यालय में 20 अक्टूबर तक प्रस्तुत करें। 21 से 25 अक्टूबर तक अधिशाषी अभियंता द्वारा बारी काटने के आदेश जारी किए जाएं और बारी काटकर 26 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर 2024 तक संशोधन बारी लागू कराएं।
उन्होंने बताया कि आबियाना वसूली नहीं होने से नहरों की साफ-सफाई नहीं हो पाती है, जिस कारण टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई पानी नहीं मिल पाता है। इसलिए विभाग द्वारा उक्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन अध्यक्षों द्वारा बकाया आबियाना वाले काश्तकारों की सूची प्रस्तुत नहीं की जाती है तो उनके विरुद्ध अधिशाषी अभियंता संबन्धित अध्यक्षों को सूची प्रस्तुत करने के लिए 7 दिवस का नोटिस जारी करेंगे। 7 दिवस उपरान्त संतोषजनक जबाब प्रस्तुत नहीं करने पर अध्यक्ष के विरुद्व राजस्थान सिंचाई प्रणाली के प्रबंध में कृषकों की सहभागिता अधिनियम 2000 व नियम 2002 के अन्तर्गत कार्यवाही प्रस्तावित किया जाकर कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेंगे।
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