मानगढ़ धाम में मोदी-गहलोत ने एक-दूसरे के लिए कही कई अहम बातें…

जयपुर Abhayindia.com राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम में आज हुए समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनेअपने संबोधनों में एकदूसरे के लिए कई अहम बातें कही। पीएम मोदी ने अपने धूर राजनीतिक विरोधी सीएम गहलोत की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें मोस्ट सीनियर मुख्यमंत्री बताया।

वहीं, सीएम गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम को विदेशों में सम्मान इसलिए मिलता है, क्योंकि वो जिस देश के प्रधानमंत्री हैं, वह महात्मा गांधी का देश है, जहां लोकतंत्र की जड़ें मजबूत और गहरी हैं। 70 साल के बाद भी जहां लोकतंत्र जिंदा है।

आपको बता दें कि दोनों ही नेताओं के बीच मीडिया में परस्‍पर एकदूसरे पर तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है। लेकिन, सार्वजनिक मंच पर स्थितियां अलग हो जाती है।

मानगढ़ धाम मोदी का संबोधन

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर मानगढ़ धाम आना हम सबके लिए काफी अहम है। मानगढ़ धाम जनजातिय वीर वीरांगनाओं के तप, त्याग और देशभक्ति का प्रतिबिंब है. ये राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों की साझी विरासत है। राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के आदिवासियों के लिए यह एक बड़ा तीर्थ है।

पीएम मोदी ने कहा कि मानगढ़ धाम के भव्य विस्तार के लिए प्रबल इच्छा हम सभी में हैं। इसके लिए राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। मोदी ने चारों राज्य सरकारों से आग्रह है कि इस दिशा में विस्तृत चर्चा करें एक रोडमैप तैयार करें ताकि गोविंद गुरु का स्मृति स्थल भी पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाए। उन्‍होंने विश्वास जताते हुए कहा कि मानगढ़ धाम का विकास इस क्षेत्र को नई पीढ़ी की प्रेरणा के लिए एक जागृत स्थल बनेगा।

उन्‍होंने कहा कि गोविंद गुरू जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी भारत की परंपराओं और आदर्शों के प्रतिनिधि थे। वे किसी रियासत के राजा नहीं थे लेकिन वे लाखों आदिवासियों के नायक थे। अपने जीवन में उन्होंने अपना परिवार खो दिया लेकिन हौंसला कभी नहीं खोया। भारत का अतीत, वर्तमान और भविष्य आदिवासी समाज के बिना पूरा नहीं होगा। हमारी आजादी की लड़ाई का पगपग, इतिहास का पन्नापन्ना आदिवासी वीरता से भरा पड़ा है।