





मुकेश पूनिया/बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। नकली देशी घी के कारोबार की प्रमुख मंडी बन चुके बीकानेर में नामी कंपनियों के ब्रांड का पन्द्रह लीटर घी का टीन मात्र दो हजार रुपए में मिल रहा है। वजह ये कि शहर में घी कारोबारी अपनी प्रतिष्ठानों पर नकली घी खुलेआम बेच रहे है। इतना ही नहीं अनेक जगहों पर घी की फैक्ट्रियों में हर रोज सैकड़ों लीटर नकली घी तैयार होकर सप्लाई हो रहा है।
जानकारी में रहे कि बीकानेर में नकली घी का कारोबार चरम पर है और कुछ माह पहले यहां नकली घी कारोबारियों के खिलाफ हुई धरपकड़ की कार्यवाही के बाद अब यह कारोबार दुगुनी रफ्तार पकड़ चुका है। यहां नामी कंपनियों के टीन में नकली माल भरकर घी माफिया आमजन की सेहत से खेल रहे हैं। बीकानेर शहर समेत जिले के कस्बों में यह कारोबार चल रहा है। यहां से ग्रामीण इलाकों तक इसके तार जुड़ चुके हैं। जबकि इस काम को खाद्य निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी चुपचाप देख रहे हैं।
बाजार में 60 से ज्यादा ब्रांड
सूत्रों की मानें तो रोजाना पचास हजार लीटर घी की खपत होती है, यहां 60 से अधिक ब्रांड बाजार में हैं। इनमें दो दर्जन ब्रांड एगमार्ग भी नहीं हैं। यहां सक्रिय नकली घी माफिया नामी ब्रांड के टीन में पॉम ऑयल से बने नकली घी को पैक कर बाजार में बेचने लगे हैं। असली जैसी पैकिंग के कारण आमजन इसमें फर्क समझ नहीं पाता है। माफिया इस नकली घी को होलसेल में 2 हजार रुपए प्रति टीन के हिसाब से बेच रहा है। रिटेल में यह माल पूरे दाम पर बिक जाता है। सबसे ज्यादा डुप्लीकेसी श्वेता ब्रांड देशी घी के मामले में हो रही है।
तीन हजार लीटर बिक्री
सूत्रों की मानें तो रोजाना 3 हजार लीटर नकली देशी घी बीकानेर में में बिक रहा है। घी की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य निरीक्षकों को लगा रखा हैं, लेकिन ये समय पर जांच नहीं करते। इसका परिणाम यह है कि यहां नकली घी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। कुछ माह पहले बीछवाल और नोखा पुलिस ने नकली घी के तीन-चार ठिकानों का पर्दाफाश किया लेकिन इसके बाद पुलिस हाथ बांध कर बैठ गई। मजे कि बात यह है कि जिन ठिकानों पर नकली घी के सिलसिले में कार्यवाही हुई थी। उन ठिकानों पर अब दुगुनी रफ्तार में नकली का घी बनाकर बेचने का कारोबार चल रहा है। इधर स्वास्थ्य महकमे के अफसरों की ढिलाई आने के कारण यह कारोबार फल-फूल रहा है।





