












बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने के लिये कानून बनाने की मांग को लेकर पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन महापड़ाव मंगलवार को भी जारी रहा। हजारों की संख्या में पर्यावरणप्रेमी मौके पर डटे हुए है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं है। आपको बता दें कि आंदोलन के तहत सोमवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज में पहले जन सभा का आयोजन हुआ। इसके बाद बिश्नोई धर्मशाला के सामने मुकाम के पीठाधीश्वर रामानंद महाराज के सानिध्य में अनिश्चितकालीन महापड़ाव और आमरण अनशन शुरू हो गया।

मंगलवार को महापड़ाव स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए मुकाम के स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए हम एकजुट होकर डटे रहना है। कुछ लोग अशांति, तोड़फोड़ करने के लिए उकसा सकते हैं, इसलिए ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा। हमें अनशन स्थल पर ही डटे रहना है। आमरण अनशन से बड़ा कोई बलिदान नहीं हो सकता।
सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि चाहे हमारे प्राण निकल जाए लेकिन हम अपनी जगह नहीं छोड़ेंगे। हमारी यह तपस्या सफल होगी और इसे सभी प्रणाम करेंगे, क्योंकि यह तपस्या ऐतिहासिक काम के लिए हो रही है। आमरण अनशन पर 458 लोग बैठे हैं, इनके नाम राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वो स्थिति को संभाले। वे जब तक हमारी बात नहीं मानेंगे तब तक हम अन्न व जल ग्रहण नहीं करेंगे।




