आत्म तत्व की पहचान करने की पात्रता विकसित करें : साध्वीश्री मृगावती

बीकानेर Abhayindia.com जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की मनोहरश्रीजी म.सा की सुशिष्या साध्वीश्री मृगावतीश्रीजी म.सा., बीकानेर मूल की साध्वीश्री सुरप्रियाश्रीजीम.सा (रेणुजी) व नित्योदयाश्रीजी म.सा. के सान्निध्य मे रांगड़ी चौक के सुगजी महाराज के उपासरे चल रही तपस्याओं की कड़ी में शुक्रवार को तपस्वी चतर बाई नाहटा का श्रीसंघ की ओर से अभिनंदन किया गया।

साध्वीश्री मृगावती जी.मसा. ने शुक्रवार को प्रवचन में कहा कि प्राप्त को पर्याप्त समझकर आत्म निरीक्षण, आत्म परीक्षण करते हुए आत्मतत्व की पहचान करने की अपने आप में पात्रता विकसित करें। चौरासी लाख योनियों में मानव शरीर, उनमें उत्तम धर्म, संस्कार व संस्कृृति का मिलना ने आप में बड़ी बात है। धर्म, सुख, सुविधा व सम्पदा को प्राप्त करने के बाद उसके सदुपयोग के लिए पात्रता विकसित करने में ही जीवन की सार्थकता है। पात्रता को विकसित करने से ही अंतरयात्रा शुरू होती है अन्यथा जीवन व्यर्थ रहता है।

उन्होंने कहा कि जीवन के असली लक्ष्य को पहचाने तथा आत्म चिंतन, आत्म मंथन करते हुए आत्मा-परमात्मा के सही स्वरूप् को पहचानने के लिए पुरुषार्थ व पराक्रम करें। दृढ़ निश्चिय के साथ जीवन की अंतर यात्रा के लिए कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शब्द को ब्रहम कहा गया है, शब्द में शक्ति है। शब्दों का सदुपयोग करें सार्थक, सविनय पूर्वक भाषा का उपयोग करें। शब्दों के उपयोग मेंं मर्यादा व शालीनता रखें। परमात्मा नाम स्मरण, मंत्र जाप, साधना, आराधना व भक्ति के माध्यम से शब्दों की साधना कर अपने जीवन को उज्जवल बनाएं।

वैष्णवाचार्य गोस्वामी बिट््ठल नाथ जी (ब्रजांग बाबा) बाबा के प्रकट्ोत्सव पर यज्ञ

बीकानेर। जगद््गुरु वैष्णवाचार्य पंचम पीठाधीश्वर श्री वल्लभाचार्यजी के द्वितीय आत्मज बीकानेर के वैष्णवाचार्य गोस्वामी बिट््ठल नाथजी (ब्रजांग बाबा) के 23 वें प्रागटयोत्सव पर तीन दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार को श्री राज रतन बिहारी मंदिर में पुरुषोतम यज्ञ के साथ शुरू हुआ।

प्रागट्योत्सव के तहत शनिवार को सुबह ग्यारह बजे दाऊजी मंदिर मार्कण्डेय पूजा व उसके बाद वैष्णव महाप्रसाद, शाम को श्री राज रतन बिहारी मंदिर में केसर घटा का हिंडोला शाम सवा छह बजे होगा। रविवार को सुबह साढ़े दस बजे श्री राज रतन बिहारी मंदिर में श्री गोपाल यज्ञ होगा।