Friday, May 15, 2026
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साइबर क्राइम से बचने के लिए एडवाइजरी- हैकर्स पूछते नहीं, अनुमान लगाते हैं, अनुमान असंभव बनाइए

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जयपुर Abhayindia.com देशभर के मुख्य सचिवों के तृतीय राष्ट्रीय सम्मेलन में ‘‘साइबर सुरक्षा-उभरती चुनौतियां’’ विषय पर निर्णय लिया गया था कि आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लिए डिजिटल साक्षरता का प्रसार-प्रसार जमीनी स्तर पर किया जाए। राज्य के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं ने बताया कि इस सम्बंध में एडवाजरी जारी की गई है। इसमें पासवर्ड सुरक्षा के सम्बंध में महत्वपूर्ण सलाह दी गई है।

एडवाइजरी के अनुसार पासवर्ड डिजिटल जीवन की चाबी है। यह  ईमेल, बैंक खातों, सोशल मीडिया और कार्य से जुड़े डाटा की सुरक्षा करता है। यदि कोई आपका पासवर्ड चुरा लेता है तो वह आपकी पहचान, धन या गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग कर सकता है। लंबा पासवर्ड रखें, कम से कम 12 से 16 अक्षरों का पासवर्ड बनाए। इसमें केपिटल और स्माल अक्षर, अंक और प्रतीक मिलाएं। आसान अनुमान लगाने योग्य शब्दों से बचें। अपना नाम, जन्मदिन, मोबाइल नंबर या पासवर्ड में 123 जैसे सामान्य व अनुमान लगाने लायक अंक का प्रयोग न करें।

सलाह के अनुसार हर खाते के लिए अलग पासवर्ड रखें, एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल न करें। सुरक्षित रूप से पासवर्ड सहेजने और प्रबंधित करने के लिए पासवर्ड मैनेजर टूल्स का इस्तेमाल करें। नियमित रूप से पासवर्ड बदलें, समय-समय पर अपने पासवर्ड अपडेट करते रहें। लिखने पर सावधानी रखें यदि पासवर्ड कहीं लिखा हो, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें, कंप्यूटर या कार्यस्थल के पास नहीं। कभी भी पासवर्ड साझा न करें। अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें, चाहे वह सहकर्मी हो या तकनीकी सहायता कर्मचारी। यदि आप साइबर अपराध के शिकार हैं, तो 1930 पर कॉल करें और अपनी शिकायत https://cybercrime.gov.in  पर दर्ज करें।

फिशिंग से बचें

फिशिंग तब होता है जब कोई विश्वसनीय व्यक्ति या कंपनी बनकर आपका विश्वास जीतकर आपकी व्यक्तिगत जानकारी (पासवर्ड, बैंक विवरण, या ओटीपी) हासिल करने की कोशिश करता है। वे आमतौर पर यह ईमेल, फ़ोन कॉल या ऐसे नकली वेबसाइट्स के ज़रिये करते हैं जो पहली नज़र में असली लगते हैं।

वे आपको कैसे धोखा देते हैं...
  • वे नकली ईमेल, संदेश, या कॉल भेजते हैं जो असली कंपनियों या लोगों की तरह दिखते हैं जिन पर आप भरोसा करते हैं।
  • वे ऐसे लिंक भेजते हैं जो आपको नकली वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहाँ आपकी जानकारी चुराई जाती है।
  • वे आपको डराकर या जल्दी कार्रवाई के लिए दबाव डालकर जैसे आपका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा या आपको तुरंत कार्रवाई करनी है, गलती कराने की कोशिश करते हैं।
  • वे ऐसे अटैचमेंट भेजते हैं जो खोलने पर आपके कंप्यूटर या फोन को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें...
  • अज्ञात लोगों से आए लिंक पर क्लिक न करें या अटैचमेंट न खोलें।
  • कॉल, ईमेल या संदेश पर कभी भी पासवर्ड, ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करें।
  • किसी साइट पर जाने के लिए उसका पता खुद टाइप करें किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा न करें।
  • मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और 2-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें।
  • अपने फोन और कंप्यूटर को अपडेट रखें। किसी भी संदिग्ध संदेश या ईमेल की सूचना अपनी आईटी या सिक्योरिटी टीम को दें।
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